लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग ने राजस्व संग्रह में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को 52,297.08 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो अब तक का सबसे अधिक है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार 6,726.61 करोड़ रुपये अधिक राजस्व जमा हुआ है।
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आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में शराब बिक्री से होने वाली कमाई लगातार बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25: ₹52,297.08 करोड़,वित्तीय वर्ष 2023-24: ₹45,570.47 करोड़ वित्तीय वर्ष 2022-23: ₹41,252.24 करोड़, हर साल शराब से मिलने वाले राजस्व में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
राजस्व वृद्धि के पीछे एक प्रमुख कारण अवैध शराब के कारोबार पर कड़ा नियंत्रण भी है। आबकारी विभाग ने राज्यभर में छापेमारी कर अवैध शराब के बड़े गिरोहों पर नकेल कसी है। इस सख्ती के चलते अवैध शराब की बिक्री घटी और अधिक से अधिक उपभोक्ता लाइसेंसी दुकानों से शराब खरीदने लगे, जिससे सरकार को बड़ा फायदा हुआ।
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आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पारदर्शी नीति, कड़े नियमों और डिजिटल निगरानी के कारण राजस्व में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विभाग अब नई योजनाओं पर भी काम कर रहा है ताकि अगले वित्तीय वर्ष में और अधिक मुनाफा अर्जित किया जा सके।