गाजियाबाद। सीबीआई ने छापा मारकर सीजीएसटी अधीक्षक आफताब के निजी ड्राइवर सचिन को फर्म संचालक अनिल राघव से एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। छापा लगने की सूचना मिलते ही रिश्वत लेने के आरोपी अधीक्षक आफताब व निरीक्षक विकास भाग गए। छापे के दौरान कार्यालय में मौजूद सहायक आयुक्त जेके रजनीश से भी सीबीआई ने पूछताछ की।
शिकायतकर्ता अनिल के अनुसार सीजीएसटी अधीक्षक आफताब और निरीक्षक विकास ने उनसे दो लाख रुपये मांगे थे। इसकी पहली किस्त एक लाख रुपये अधीक्षक के निजी चालक सचिन ने ली। सीबीआई की दर्ज रिपोर्ट के अनुसार कृष्णा विहार निवासी अनिल राघव की होम केयर सॉल्यूशन (एचसीएस) फर्म है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक सामान की पैकिंग की जाती है। अनिल ने सीबीआर्ई को बताया कि समय पर जीएसटी फाइल करते हैं। दोनों अधिकारियों ने फर्म से खरीद और बिक्री का बिल मांगा था, जिसे अनिल ने जनवरी में जमा करा दिया था।
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इसी बीच दोनों अधिकारियों ने अनिल को कार्यालय बुलाया और फर्म के बिलो में गड़बड़ी बताकर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी। आरोप है कि 10 फरवरी को निरीक्षक विकास ने व्हाट्सएप कालिंग से रिश्वत मांगी। सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की जांच की। इसके बाद जाल बिछाकर छापा मारा, लेकिन भनक लगते ही दोनों अधिकारी भाग गए और ड्राइवर के पास रिश्वत की पहली किश्त के एक लाख रुपये बरामद हुए। सीबीआई ने मेरठ में आरोपियों के आवासीय और आधिकारिक परिसरों की तलाशी ली। इसमें अब तक कई संपत्तियों में निवेश से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी बरामद हुई है।