नोएडा। भारत में डिजिटल इंडिया के दौर में बढ़ते साइबर स्कैम और डिजिटल अरेस्ट जैसे खतरों से लड़ने के लिए नोएडा की एक कंपनी ध्यान ताज लैब ने दुनिया का पहला एआई पावर्ड साइबर सुरक्षा तंत्र अरिस्टा साइबर कॉप तैयार किया है। इस कंपनी के सीईओ डॉ. कुणाल सिंह बेरवाल ने एक कार्यक्रम के दौरान एडवांस एआई पावर्ड ऐप और कंप्यूटर सिस्टम लॉन्च किया है। यह सिस्टम होने वाले स्कैम को होने से पहले ही भांप लेगा। कंपनी के सीईओ डॉ. कुणाल सिंह बेरवाल का दावा है कि यह ऐप दुनिया का पहला प्रिवेंटिव और प्रिडिक्टिव एआई मॉडल है।
नोएडा के सेक्टर-55 स्थित एक होटल में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम में मीडिया प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के लोगों की मौजूदगी में अरिस्टा साइबर कॉप की उन्नत क्षमताओं का लाइव प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि यह प्रणाली पारंपरिक साइबर सुरक्षा टूल्स से अलग पूर्वानुमानात्मक), सक्रिय और निवारक तीन-स्तरीय सुरक्षा मॉडल पर आधारित है, जिसे एआई संचालित करता है।
डॉ. कुणाल सिंह बेरवाल ने बताया कि अरिस्टा साइबर कॉप पूरी तरह मेड इन इंडिया ऐप है, जो प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विजन को ध्यान में रखकर बनाया गया है। बाकी ऐप्स आपको मार्केटिंग कॉल के बारे में बताते हैं, लेकिन अरिस्टा आपको बताएगा कि सामने वाली कॉल स्कैम है या डिजिटल अरेस्ट की साजिश। हमारे ऐप में आप किसी भी डॉक्यूमेंट को स्कैन करके उसकी असलियत जान सकते हैं। यह वर्ल्ड का पहला ऐसा सिस्टम है जो रियल-टाइम एआई मैकेनिज्म पर काम करता है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. कुणाल ने बताया कि अक्सर लोग फर्जी वेबसाइट या फेक नोटिस के चक्कर में लाखों गंवा देते हैं। लेकिन अरिस्टा ब्राउजिंग के दौरान ही आपको खतरे की चेतावनी दे देता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पूरी तरह स्वदेशी है और यूजर की प्राइवेसी को सर्वोपरि रखता है। उन्होंने दावा किया कि वे यूजर का कोई भी निजी डेटा (जैसे कांटेक्ट या मैसेज) स्टोर नहीं करते। वे केवल नाम और ईमेल लेते हैं ताकि यूजर की प्रामाणिकता बनी रहे। इस स्टार्टअप ने न केवल साइबर सुरक्षा में एक नई मिसाल पेश की है, बल्कि 400 बिलियन डॉलर के ग्लोबल मार्केट में भारत का दमखम भी दिखाया है।
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि अरिस्टा साइबर कॉप जैसे स्वदेशी एआई समाधान भारत को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि अरिस्टा केवल एक ऐप नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा के एक नए युग की शुरुआत है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।