वोटरों को रास नहीं आ रहे दागी और दल-बदलू उम्मीदवार, घट सकता है पार्टियों का जनाधार.. बढ़ सकती है नोटा की ताकत ..!
मुंबई। वसई विरार शहर महानगरपालिका (वीवीसीएमसी) चुनाव में दागी, बागी और दल-बदलू नेताओं को राजनीतिक दलों से मिली उम्मीदवारी मतदाताओं को रास नहीं आ रही है। कल तक खुले मंच पर एक-दूसरों की पोल खोलने वाले नेताओं की जुगलबंदी से नागरिक हैरान हैं। जुगाड़ से टिकट हासिल करने वाले ये प्रत्याशी फिलहाल लोगों का विश्वास हासिल करने में जुटे दिखे। पर, इनसे असंतुष्ट जनता विकल्प तलाश रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि दल-बदलुओं को तवज्जो देने वाले दलों का जनाधार गिर सकता है।
कई नाराज कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव की ताल ठोक दी है। इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो पार्टी अपने कार्यकर्ताओं का नहीं हुई, वह जानता का क्या होगी। नाराज कार्यकर्ता यह मैसेज विभिन्न प्रसार माध्यमों से जनता के बीच पहुंचा रहे हैं। ऐसे में वोटर भी असमंजस की स्थिति में हैं कि वोट किसे दें। ऐसे में माना जा रहा है कि नोटा पर पड़ने वाले वोटों का प्रतिशत बढ़ सकता है। फिलहाल मतदाताओं के मन में क्या है यह चुनाव परिणाम के बाद सामने आ जाएगा।प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वीवीसीएमसी क्षेत्र में लगभग 12,34,690 वोटर हैं। प्रभाग और सीटों की बात करें, तो कुल 29 प्रभाग बनाए गए हैं। इनमें से 28 प्रभागों में प्रत्येक में 4 सीटें हैं, जबकि 1 प्रभाग में 3 सीटें हैं। 115 सीटों में से 58 सीटें महिलाओं के लिए और 57 सीटें पुरुषों के लिए आरक्षित की गई हैं। इनमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 31 सीटें, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 10 सीटें और सामान्य वर्ग के लिए 74 सीटें निर्धारित हैं। यहां 15 जनवरी को मतदान और 16 जनवरी को को मतगणना होनी है।
