पीएम मोदी पर जातिगत टिप्पणी मामला, राहुल गांधी के खिलाफ दायर रिवीजन खारिज
जयपुर। अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-4 महानगर द्वितीय ने पीएम नरेंद्र मोदी पर जातिगत टिप्पणी करने से जुड़े मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी खिलाफ दायर रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा है। अदालत ने यह आदेश अधिवक्ता विजय कलंदर की रिवीजन याचिका पर दिए। पीठासीन अधिकारी नीलम करवा ने कहा कि परिवादी के बयानों व अन्य साक्ष्यों से यह स्पष्ट है कि यह निगरानी खारिज किए जाने योग्य है।
निगरानी में कहा था कि निचली कोर्ट ने परिवाद के वास्तविक तथ्यों पर गौर किए बिना ही आदेश पारित किया है। आरोपित मौजूदा लोकसभा में प्रतिपक्ष का नेता व जिम्मेदार नागरिक है। उन्होंने बार-बार जाति बदलकर भाषण दिया है और देश के आम नागरिकों को भड़काया जा रहा है। उनका मंसूबा देश एकता व अखंडता को नुकसान पहुंचाना है। ऐसे में उसकी रिवीजन याचिका को स्वीकार कर निचले कोर्ट का आदेश निरस्त किया जाए।
मामले के अनुसार परिवादी ने निचली कोर्ट में परिवाद दायर कर कहा था कि राहुल गांधी भारत जोडो न्याय यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ में कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी जन्म से ओबीसी वर्ग के नहीं है। गुजरात की भाजपा सरकार ने मोदी को ओबीसी बनाया है। वे पिछडों के हक व हिस्सेदारी के साथ न्याय नहीं कर सकते। यह बयान देश में अशांति पैदा करने वाला व अखंडता के खिलाफ है। राहुल गांधी खुद को कश्मीरी कौल पंडित बताते हैं, जबकि उनके दादाजी फिरोज गांधी, गैर हिन्दू परिवार के थे। उन्होंने खुद की जाति छिपाकर बयान दिया, इससे परिवादी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। इसलिए मामले में कानूनी कार्रवाई की जाए।
