'मानसिक तैयारी रही चुनौतीपूर्ण', बॉर्डर-2 में सूबेदार संतराम का रोल निभाने वाले वंश भारद्वाज ने शेयर किया अनुभव
मुंबई। 'बॉर्डर-2' बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है और कमाई के मामले में भी 250 करोड़ का आंकड़ा पार चुकी है। फिल्म को बनाने में जितनी भूमिका लीड किरदारों की रही, उतना ही योगदान सहायक कलाकारों का भी रहा। फिल्म में सूबेदार संतराम का रोल निभाने वाले अभिनेता वंश आर भारद्वाज ने भी शानदार अभिनय से फैंस का दिल जीता। अभिनेता का किरदार भले ही छोटा था लेकिन फैंस के दिल में उतर गया। अब अभिनेता वंश आर भारद्वाज ने फिल्म बॉर्डर-2 और अपने अनुभव आईएएनएस के साथ साझा किए हैं।
उन्होंने आगे कहा, मेरा किरदार बहुत शांत और विचारशील है। वह जीवन को गहराई से समझता है। वह गीता पढ़ता है, जो उसकी मां ने उसे दी थी। गीता पढ़ने से जीवन की समझ बेहतर होने लगती है और आपको एहसास होता है कि संयम और संतुलन कितने महत्वपूर्ण हैं। यही शांति मेरे किरदार, संतराम की पहचान है। मैं असल जिंदगी में भी स्वभाव से शांत हूं, हालांकि कुछ चीजों को लेकर मैं थोड़ा उत्साहित हो जाता हूं। लेकिन कुल मिलाकर, यह शांति का भाव मेरे असल जीवन में भी मौजूद है। बॉर्डर-2 में अपने किरदार को निभाने के लिए खास तैयारियों पर वंश ने कहा, फिटनेस हमेशा से मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। बचपन से ही एक खिलाड़ी होने के नाते, मेरी दिनचर्या इसी पर आधारित रही है। शारीरिक तैयारी मुश्किल नहीं थी।
असली चुनौती एक सैनिक की आंतरिक दुनिया को समझना था। उस व्यक्ति की भावना को पकड़ना जो सब कुछ कुर्बान करने को तैयार है, जिसे यह नहीं पता कि वह अगली सुबह देख पाएगा या नहीं, फिर भी गर्व और उत्साह के साथ युद्ध के मैदान में उतरता है।" उन्होंने आगे कहा, सैनिक इस सोच के साथ जीते हैं कि उन्हें देश के लिए लड़ने और यहां तक कि अपने प्राणों की आहुति देने का मौका मिल सकता है। उस मानसिकता को किरदार में उतारना सबसे चुनौतीपूर्ण था। वंश के करियर की शुरुआत थिएटर से हुई है। फिल्मों और थिएटर के एक्सपीरियंस के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "थिएटर बचपन से ही मेरे जीवन का हिस्सा रहा है। मैं थिएटर और फिल्म में कोई भेद नहीं करता क्योंकि मूल तत्व एक ही है। माध्यम चाहे जो भी हो, मैं एक अभिनेता और कलाकार हूं। कभी-कभी आप पहले शारीरिक तैयारी करते हैं और फिर मनोवैज्ञानिक पहलुओं को समझते हैं।"
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां