जिला सत्र न्यायाधीश शिल्पी सोनी राज की संदिग्ध मौत..सरकारी आवास पर मिला शव, पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी
नवादा। बिहार में नवादा की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री शिल्पी सोनी राजका उनके आवास में ही संदिग्ध मौत हो गई है ।शुक्रवार की सुबह उन्हें अचेत अवस्था में नवादा के धर्मशिला अस्पताल में ले जाया गया। ।जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कर्मचारियों ने बताया कि सुबह जब उनके आवास में प्रवेश किया तो वह सोफे पर अचेत अवस्था में झुकी हुई पाई गई। उन्हें तत्काल नवादा के निजी धर्मशिला अस्पताल में दाखिल कराया गया ।जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया ।इस तरह की मौत को संदिग्ध बताया जा रहा है । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की मौत की घटना के बाद जिला प्रशासन में अफरा -तफरी का माहौल कायम हो गया है।
ये भी पढ़ें महाकुंभ की मोनालिसा की शादी का वीडियो वायरल, हर्षा रिछारिया ने इसे नाम दिया 'द केरल स्टोरी-3नवादा के जिला अधिकारी रवि प्रकाश तथा एसपी अभिनव धीमान स्वयं धर्मशिला अस्पताल में कैंप कर रहे हैं ।जिला एवं सत्र न्यायाधीश तीन बहने व दो भाई है। उनकी बहन पटना से नवादा के लिए चल चुकी है ।स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने फोरेंसिक टीम से जांच करने शुरू कर दी है ।उनके आवास को भी जांच के लिए सुरक्षित कर दिया गया है ।उनका पोस्टमार्टम भी पटना में विशेषज्ञों के निगरानी में कराया जाएगा ।ताकि घटना की सच्चाई का पता लगाया जा सके। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की मौत की खबर नवादा में आज की तरफ फैल गई ।
सैकड़ो अधिवक्ता व प्रशासनिक अधिकारी धर्मशिला अस्पताल में जुटे हुए हैं। सैकड़ों अधिवक्ता तथा नवादा वासी इस सच्चाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आखिर मौत का कारण क्या है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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