बुलंदशहर में सनसनी: घर के अंदर मिले देवर-भाभी और मासूम बच्ची के शव, जांच में जुटी पुलिस
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा कोतवाली क्षेत्र स्थित नेहरूपुर इंड्रिस्ट्रियल एरिया के पास खेत में तीन शव मिले । इसमें एक महिला का शव फांसी पर लटका हुआ था जबकि, बच्ची और युवक का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। पुलिस ने तीनों शव की शिनाख्त देवर भाभी और भतीजी के रूप में की है।
अपर पुलिस अधीक्षक (देहात) डाॅ. तेजवीर सिंह ने बताया कि मृत युवक का नाम सरल सरकार (32) है। भाभी देवी सरकार (30) और उसकी बच्ची सांवती सरकार (08) के रूप में हुई हैं। ये सभी पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जनपद स्थित पूर्वा मल्लापुरा गांव के निवासी थे। देवी सरकार अपने पति अपेश्वर के साथ खुर्जा स्थित पॉटरी फैक्ट्री में मजदूरी करती थी।
प्रारंभिक जानकारी मिली है कि देवी सरकार का अपने पति अपेश्वर सरकार से 11 मार्च को वाद-विवाद हुआ था। इसके बाद वह अपने देवर सरल को फोन कर उसके पास चली गई थी। संज्ञान में यह बात भी आई है कि देवर भाभी के बीच अक्सर देर-देर तक फोन पर बातचीत होती थी। विवाद के दिन भी 28 मिनट दोनों में बातचीत हुई थी। उसके बाद से तीनों साथ में थे। आज इनके शव मिले हैं। महिला के पति को हिरासत में ले लिया गया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
एएसपी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को संघर्ष के कोई साक्ष्य नही मिले हैं। वहां तीसरे अन्य व्यक्ति के भी मौजूदगी के निशान भी नहीं मिले हैं महिला के गले में चेन और युवक के जेब से सात हजार रुपये मिले हैं। इससे मामला प्रथमदृष्टया आत्महत्या का लग रहा है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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