देश में LPG पर सियासत तेज! सरकार बोली– कमी नहीं, अखिलेश बोले– हर शहर में लंबी लाइनें
नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, शामली और मेरठ सहित कई जनपदों में रसोई गैस (LPG) के लिए मचे हाहाकार ने अब बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। एक ओर जहां केंद्र और राज्य सरकार आपूर्ति में किसी भी तरह की कमी से इनकार कर रही हैं, वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए जमीनी हकीकत पर सवाल उठाए हैं।
सरकार का पक्ष: "आपूर्ति सामान्य, पैनिक बुकिंग से बचें"
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय और राज्य प्रशासन की ओर से जारी बयानों में स्पष्ट किया गया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार का तर्क है कि:
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पर्याप्त उत्पादन: रिफाइनरियों से गैस की सप्लाई निरंतर जारी है।
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पैनिक बुकिंग: कुछ क्षेत्रों में कमी का मुख्य कारण उपभोक्ताओं द्वारा डर के मारे की जा रही 'पैनिक बुकिंग' है, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ा है।
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तकनीकी समस्या: सर्वर में आ रही दिक्कतों को अस्थायी बताते हुए जल्द दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया है।
विपक्ष का प्रहार: "लाइनों में खड़ा है उत्तर प्रदेश"
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और प्रेस वार्ता के माध्यम से सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनके मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
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लंबी कतारें: अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हर शहर में गैस एजेंसियों के बाहर हजारों की भीड़ और लंबी लाइनें सरकार के दावों की पोल खोल रही हैं।
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कालाबाजारी का बोलबाला: उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी को 900 रुपये का सिलेंडर नहीं मिल रहा, जबकि माफिया और बिचौलिये इसे 1500 से 2000 रुपये में ब्लैक कर रहे हैं।
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त्योहार और रोजेदारों की मुश्किल: उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में रोजेदारों को घंटों कड़ी धूप में खड़ा होना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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