ईरान को बड़ा झटका: सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अमेरिकी हमलों में घायल, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ का दावा
वाशिंगटन। अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के नवनियुक्त सर्वोच्च नेता, मोजतबा खामेनेई, घायल हो गए हैं और अमेरिकी हमलों के बीच देश की सैन्य नेतृत्व संरचना संघर्ष कर रही है। पेंटागन ब्रीफिंग में हेगसेथ ने कहा कि जैसे-जैसे सैन्य अभियान जारी है, ईरान का नेतृत्व बढ़ते दबाव में है। ईरान का नेतृत्व अब बेहतर स्थिति में नहीं है, वे हताश हैं और छिप रहे हैं। हेगसेथ ने कहा, ''नव नियुक्त नेता ने एक लिखित बयान जारी किया था, जिसमें एकता की अपील की गई थी, लेकिन वे सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए। हमें पता है कि नया तथाकथित सुप्रीम नेता घायल और संभवतः विकृत हैं।” रक्षा सचिव ने सवाल किया कि नेता ने सीधे देश से क्यों नहीं बात की, जबकि उनके पास संचार उपकरण उपलब्ध हैं। ईरान के पास बहुत सारे कैमरे और रिकॉर्डर हैं। फिर लिखित बयान क्यों? मुझे लगता है आप जानते हैं क्यों। हेगसेथ ने कहा, “वे डर गए हैं। वे घायल हैं। वे भाग रहे हैं और उन्हें वैधता नहीं मिली है।”
हेगसेथ ने कहा कि जैसे-जैसे संघर्ष तेज हो रहा है, ईरान की नेतृत्व संरचना अस्थिर होती जा रही है। हेगसेथ ने तर्क दिया कि हमलों ने ईरान की सशस्त्र सेना को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है और देश की सैन्य कमान संरचना में बाधा डाली है। हेगसेथ ने कहा कि उनके शासन की सैन्य क्षमताएं ढह रही हैं। वे मुश्किल से संवाद कर पा रहे हैं, तालमेल बैठाना तो दूर की बात है। ईरानी नेता भूमिगत हो गए हैं और बचने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान के नेता बंकरों में छिप रहे हैं और नागरिक क्षेत्रों में जा रहे हैं। पेंटागन ने बार-बार कहा है कि इस सैन्य अभियान का लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना, उसकी नौसैनिक शक्ति को कमजोर करना और तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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