जॉन अब्राहम के पिता केरल के एक मलयाली सीरियन ईसाई जबकि मां गुजरात से ताल्लुक रखने वाली ईरानी हैं । जॉन की स्कूलिंग मुंबई के बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से हुई । स्कूलिंग पूरी होने के बाद जॉन ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज से ग्रेजुएशन किया।
जॉन ने फिल्मों में आने के पहले कई कंपनियों के लिए मीडिया प्लानर और प्रमोशन मैनेजर के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। 1999 में जॉन ने मॉडलिंग का सबसे बड़ा कॉन्टेस्ट ग्लैडरेग्स मैनहंट जीता और फिर मैनहंट इंटरनेशनल में हिस्सा लेने के लिए फिलिपींस गए जहां उन्हें दूसरा स्थान मिला।
जॉन अब्राहम, जैज़ी बी के पंजाबी सॉन्ग सूरमा सहित पंकज उधास, हंस राज हंस और बाबुल सुप्रियो के म्यूजिक एलबम्स में भी नजर आ चुके हैं।
मॉडलिंग की दुनिया में जाना-माना नाम बनने के बाद जॉन को बॉलीवुड से ऑफर आने लगे। ऐसे में अपनी एक्टिंग स्किल्स सुधारने के लिए उन्होंने किशोर नमित कपूर के एक्टिंग इंस्टीट्यूट में एडमिशन लिया।
वहां से एक्टिंग में डिप्लोमा हासिल करनके बाद जॉन ने महेश भट्ट की फिल्म ‘जिस्म’ (2003) से बॉलीवुड में डेब्यू किया। उनकी ये फिल्म सुपरहिट रही थी। फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड मिला।
जिस्म के बाद ‘साया’ (2003), ’पाप’ (2003), ’ऐतबार’ (2004) और ‘लकीर’ (2004) जैसी जॉन की कई फिल्में फ्लॉप रहीं। लगने लगा कि जॉन का करियर खत्म हो जाएगा लेकिन तभी ‘धूम’ (2004) से उन्होंने दमदार वापसी की।
‘धूम’ (2004) में कबीर का नेगेटिव किरदार निभाते हुए अपनी शानदार परफॉर्मेंस से जॉन अब्राहम ने एक बेंचमार्क सेट किया। ‘धूम’ (2004) साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तीसरी फिल्म थी। इस फिल्म की सफलता से जॉन एक स्टार बन गए। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट विलेन का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।
‘धूम’ (2004) के बाद जॉन ने ‘गरम मसाला’ (2005), ‘टैक्सी नंबर 9211’ (2006) और ‘दोस्ताना’ (2008) जैसी फिल्मों में जबर्दस्त कॉमेडी की। करण जौहर के प्रोडक्शन में फिल्म ‘दोस्ताना’ (2008) तो उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
दूसरी तरफ ‘रेस 2’ (2013) और ‘शूटआउट एट वडाला’ (2013) जैसी फिल्मों से एक एक्शन हीरो वाली इमेज बना ली।
जॉन ने 2012 में जे ए एंटरटेनमेंट नाम से अपना प्रोडक्शन हाउस खोला और आयुष्मान खुराना और यामी गौतम स्टार कास्ट वाली फिल्म ‘विक्की डोनर’ (2012) प्रोड्यूस की। इस फिल्म को क्रिटिकल और कॉमर्शियल, दोनों सक्सेस मिली। इस फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड भी जीता है।
इसके बाद जॉन ने ‘मद्रास कैफे’ (2013) प्रोड्यूस की जिसे क्रिटिक्स से सराहना मिली। इनके अलावा भी जॉन अब्राहम अब तक बतौर मेकर ‘रॉकी हैंडसम’ (2016) ‘फोर्स 2’ (2016) ’परमाणु’ (2018) मराठी में बनी ‘सविता दामोदर परांजपे’ (2018) ’बाटला हाउस’ (2019) ‘सरदार का ग्रांडसन’ (2019) ‘अटैक’ (2022) ‘तारा वर्सेस बिलाल’ (2022) और ‘वेदा’ (2024) जैसी फिल्में बना चुके हैं।
हाल ही में जॉन अब्राहम व्दारा प्रोडयूस की गई पॉलीटिकल-थ्रिलर फिल्म ‘द डिप्लोमैट’ रिलीज हुई। इस फिल्म को काफी अच्छे रिव्यूज मिले हैं। इसे लेकर जॉन आजकल काफी सुर्खियों में बने हुए हैं।
इसके बाद जॉन की अपकमिंग फिल्म ‘तेहरान’ और ‘तारिक’ को लेकर काफी बज बना हुआ है। इनमें से पहली फिल्म इसी साल और ‘तारिक’ अगले साल रिलीज होने की उम्मीद की जा रही है। इसके अलावा जॉन के पास फिल्म ‘हाउसफुल 5’ भी है।
शाहरूख खान अभिनीत फिल्म ‘पठान’ (2023) में जॉन अब्राहम जिम के नेगेटिव रोल में नजर आए थे। और अब इसके सीक्वल का भी हिस्सा होने की बात सामने आ रही है। लगता है कि इस वक्त जॉन करियर के सबसे अच्छे दौर से गुजर रहे हैं।
-सुभाष शिरढोनकर