तनाव और बेचैनी को कम करती है ग्रंथित मुद्रा, दिमाग को मिलता है आराम
नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान, घबराहट और चिड़चिड़ापन जैसी समस्या आम हो गई हैं। वहीं गलत दिनचर्या के चलते लोग गले में भारीपन और आवाज बैठने जैसी दिक्कतों का सामना करते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, जब शरीर और दिमाग में संतुलन बिगड़ता है, तो ऐसी परेशानियां शुरू होती हैं। इन्हीं समस्याओं से राहत देने के लिए योग में ग्रंथित मुद्रा एक आसान उपाय है। ग्रंथित मुद्रा हाथों से की जाने वाली एक सरल मुद्रा है।
आज बहुत से लोग रात में देर तक जागते रहते हैं, बार-बार नींद टूटती है, या सपने ज्यादा आते हैं। ग्रंथित मुद्रा से दिमाग शांत रहता है, जिससे नींद गहरी और आरामदायक होती है। इसे सोने से पहले करने से अच्छा असर देखा जाता है। ग्रंथित मुद्रा का एक और फायदा ध्यान और याददाश्त में सुधार है। पढ़ने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों के लिए यह खास तौर पर उपयोगी है। रोज अभ्यास करने से ध्यान कम भटकता है और किसी भी काम पर मन ज्यादा देर तक लगा रहता है। यह मुद्रा मन को हल्का करने का भी काम करती है। जब मन शांत होता है, तो शरीर अपने आप बेहतर महसूस करता है। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। व्यक्ति खुलकर बात कर पाता है और खुद को बेहतर महसूस करता है। ग्रंथित मुद्रा को सुबह शांत माहौल में या शाम को किया जा सकता है। इसे रोज 10 से 15 मिनट करना फायदेमंद माना जाता है।
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