चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गैर कानूनी तरीकों से युवाओं को विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ प्रदेश सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। अब तक 127 मामले दर्ज कर 102 एजेंटों के खिलाफ एक्शन लिया गया है। आठ ट्रैवल एजेंट को गिरफ्तार भी किया गया है।
मुख्यमंत्री बुधवार को विधानसभा में लाये गए हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण और विनियमन विधेयक 2025 पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंटों की पारदर्शिता, उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने और उनकी अवैध गतिविधियों की जांच और उन पर अंकुश लगाने सहित युवाओं को उनके शोषण से बचाने के लिए यह विधेयक लाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधेयक को लेकर विपक्ष की क्या मंशा है इस बारे में तो उन्हें पता नहीं, लेकिन प्रदेश सरकार की मंशा स्पष्ट है कि युवाओं को गलत तरीके से विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक का विषय युवाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि सदन में पहले भी यह विधेयक लाया गया था परंतु तीन नए कानून आने के बाद कुछ धाराओं में परिवर्तन हुआ है, इसलिए एक बार फिर से विधानसभा में इस विधेयक को लाया गया है ताकि विधेयक में कड़े प्रावधान सुनिश्चित कर युवाओं को शोषण से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि विदेश जाने के लिए युवा अपनी जमीन तक बेच देते थे और असुरक्षित तरीके से उन्हें विदेश भेजने का काम किया जाता था। इस विधेयक के कानून बनाने के बाद ऐसी गैर कानूनी प्रथा पर अंकुश लगाने में सरकार को कामयाबी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत कराया कि इस विधेयक में मानव तस्करी को लेकर भी प्रावधान किया गया है। अगर कोई मानव तस्करी करने में संलिप्त पाया जाता है तो दोषी को 7 से 10 वर्ष के कारावास की सजा का प्रावधान भी शामिल है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विदेशी सहयोग विभाग का गठन किया गया है जिसके माध्यम से युवाओं को व्यापार, नौकरी या शिक्षा के लिए विदेश में सुरक्षित भेजने का काम किया जाएगा। इस विधेयक को लाने का उद्देश्य सभी ट्रैवल एजेंट्स का पंजीकरण करवाना है ताकि सभी एजेंट नए कानून के नियमों के तहत ही युवाओं को बाहर भेजने का काम करें और सरकार के पास भी सही जानकारी उपलब्ध हो सके।