शामली। उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में मुस्तफा कागा गैंग के चार बदमाशों का एनकाउंटर एसटीएफ मेरठ यूनिट ने कर दिया।
सहारनपुर के डीआईजी अजय साहनी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि देर रात करनाल की ओर से आ रहे बदमाशों को एसटीएफ ने एनकाउंटर में ढेर किया है। एनकाउंटर में मारे गए चारों बदमाश कुख्यात अपराधी बताए गए हैं। जिनमें से एक बदमाश पर ₹100000 का इनाम भी घोषित था। हालांकि अभी एक बदमाश के शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
उन्होंने बताया कि एनकाउंटर में मारे गए बदमाशों के पास से भारी मात्रा में अवैध असलाह व एक गाड़ी बरामद की गई है। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ का एक दरोगा भी बदमाशों की गोली लगने से घायल हुआ है। जिसका उपचार गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में जारी है।
आपको बता दें कि झिंझाना थाना क्षेत्र के बिडोली- चौसाना मार्ग स्थित गांव ऊदपुर ईट भट्टे के समीप मेरठ एसटीएफ यूनिट द्वारा मुस्तफा कागा गैंग के चार कुख्यात अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया गया है। जिसके चलते डीआईजी रेंज सहारनपुर अजय साहनी शामली पुलिस लाइन में पहुंचे।
जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि एसटीएफ को इनफॉर्मेशन मिली थी कि जिले में कोई बड़ी घटना होने वाली है। इसी क्रम में एसटीएफ की टीम लगी हुई थी। हरियाणा की तरफ से कुछ क्रिमिनल आए। जिन्हें एसटीएफ व पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने लगातार गोलियां चलाई और पुलिस द्वारा भी आत्मरक्षा में गोली चलाई गई। जिसमें चार बदमाश मारे गए हैं। इनमें से एक बदमाश अरशद था। जिस पर ₹100000 का इनाम घोषित है और चार में से दो अपराधी ऐसे हैं। जिन्होंने 2 महीने पूर्व सहारनपुर में एक डकैती की है और एक डॉक्टर के यहां लूट का प्रयास किया है जिसमें वे दोनों वांटेड थे। जिसके तहत अरशद पर पुरस्कार घोषित था और मनजीत उसके साथ था।
इनके पास से कार्बाइन बरामद हुई है, दो पिस्टल बरामद हुई है। भारी मात्रा में कारतूस, पोनिया बंदूक जोकि सहारनपुर की घटना में प्रयुक्त हुई थी, वो मिली है और एक ब्रिज आकार बरामद हुई है। उक्त बदमाश पिछले वर्ष जून माह में जेल से बाहर आए थे। इन पर हत्या सहित कई गंभीर मुकदमे थे और बाकी बदमाशों की भी क्रिमिनल हिस्ट्री है। जेल से बाहर आने के बाद से ही यह बदमाश लगातार फरार चल रहे थे और घटनाओ को अंजाम दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि पहले ये बदमाश कुख्यात अपराधी मुस्तफा उर्फ़ कग्गा गैंग में थे। उसके बाद ये बदमाश मुकीम काला गैंग के साथ भी रहे। मुकीम काला के एनकाउंटर के बाद अब अरशद ही पूरे गैंग को संचालित कर रहा था। वही स्थानीय पुलिस को घटना के संबंध में जानकारी न होने की चर्चाओं कों डीआईजी ने निराधार बताया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील भी बदमाशों की गोली लगने से घायल हुए हैं। जिनका उपचार गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में चल रहा है। बाकी घटना के संबंध में जांच पड़ताल जारी है।