गाजियाबाद। लोनी के बेहटा हाजीपुर में पार्किंग ठेकेदार शारिक के दोमंजिला मकान में बुधवार रात करीब आठ बजे लगी आग से पांच लोगों के जिंदा जल जाने के मामले की प्राथमिक जांच में कई जानकारी मिली हैं। पता चला है कि भूतल पर चल रहे अंडर गार्मेंट बनाने के कारखाने में शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी गद्दे के फोम पर गिर जाने से आग लगी।
फोम पूरे मकान में जगह-जगह रखे थे। साथ ही ज्वलनशील पदार्थ भी थे। इनसे आग तेजी से फैली। अग्निकांड का शिकार बने पांचों लोग जान बचाने के लिए छत के दरवाजे तक पहुंच गए थे, लेकिन वहां भी फोम रखे थे। इनमें लगी आग की विकराल लपटों की चपेट में पांचों लोग आ गए।
उनके झुलसे हुए शव दरवाजे के पास ही पड़े मिले। वे लोग कुंडी नहीं खोल पाए। फायर ब्रिगेड की टीम ने बाहर से धक्का देकर दरवाजा तोड़ा। दरवाजा खुलते ही पांचों के शव नजर आए। इसके बाद मकान की दीवार को तोड़कर उनके शव निकाले गए।
आग की लपटों के बीच शारिक की बहन उज्मा और हादसे में मारी गई दूसरी बहन नाजरा का दस साल का बेटा अर्श रहमान बाहर निकल पाए। उज्मा रहमान को लेकर छत की ओर नहीं बल्कि बालकनी की ओर भागीं। उन्हें आसपास के लोगों ने सीढ़ी के सहारे उतार लिया।
हादसे के वक्त मकान में दूसरी मंजिल पर सात लोग थे। पांच छत की ओर भागे। पांचों जिंदा जल गए। गारमेंट फैक्टरी में शारिक की कार खड़ी थी। यह भी जल गई। इसी साल फरवरी में खोले गए कारखाने से ही आग दूसरी मंजिल पर पहुंची। परिवार के लोग दूसरी मंजिल पर रहते हैं।