Saturday, April 5, 2025

गाजियाबाद में दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से खत्म होगी बेरोजगारी

गाजियाबाद। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे का शुभारंभ मार्च 2025 में हो सकता है। हालांकि दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर आंशिक रूप से यातायात शुरू हो गया है। एक ओर जहां दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के बनने से लोगों को यातायात की सुविधा मिलेगी और दिल्ली से देहरादून की यात्रा 6 घंटे के बजाय मात्र ढ़ाई घंटे तक सिमटकर रह जाएगी। वहीं दूसरी ओर दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण भी कराया जाएगा।

 

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दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे बनने से तीन राज्यों जिसमें देश की राजधानी दिल्ली, उप्र और उत्तराखंड के लोगों को लाभ होगा। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे उप्र और उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों से होता हुआ निकलेगा। यूपी के गाजियाबाद, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे उत्तराखंड में प्रवेश करेगा। जिन जिलों से दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे होकर जा रहा है ये ग्रामीण बाहुल्य हैं। इस एक्सप्रेस वे के बन जाने से ग्रामीण क्षेत्रों से युवाओं का पलायन रूकेगा और दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर बनने वाले इंडस्ट्रियल कॉरीडोर निर्माण होने से रोजगार के अवसर खुलेंगे। इससे युवा और किसान समृद्ध होंगे और उन्नति के रास्ते खुलेंगे।

 

 

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दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के निर्माण होने से ग्रामीण इलाकों की इकोनॉमी मजबूत होगी।

 

 

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दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर इंडस्ट्रियल कॉरीडोर का निर्माण होने से दिल्ली—एनसीआर, पश्चिम यूपी और उत्तराखंड के व्यापारियों को लाभ मिलेगा। एक्सप्रेस वे के माध्यम से कम समय में व्यापारी अपने माल को इधर से उधर आसानी से भेज सकेंगे।

 

 

 

 

दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे छह लेन का बनाया गया है। भारत माला परियोजना के तहत यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षर धाम से शुरू होकर बागपत जिले के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से होते हुआ मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर जिले के गणेश चौक बाईपास से होकर उत्तराखंड के देहरादून तक बनाया गया है। इसके निर्माण के लिए गाजियाबाद, मेरठ व चंडीगढ़ की कंपनियों से अनुबंध हुआ था।

 

 

 

 

 

एनएचएआई के उप प्रबंधक शुभम गुप्ता ने बताया कि पूरा एक्सप्रेसवे चार खंडों में बनकर तैयार हुआ है। जो कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से होते हुए, शास्त्री पार्क, खजूरी खास और खेकड़ा में मंडोला से उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली और सहारनपुर से होकर गुजरेगा। इसके बाद उत्तराखंड के देहरादून तक पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि इसके पूरी तरह से खुलने के बाद यह दिल्ली से देहरादून पहुंचने का आसान तरीका हो जाएगा।

 

 

 

 

एनएचएआई के प्रबंधक अर्जुन डांगे ने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे की अच्छी बात ये है कि अक्षरधाम मंदिर से गाजियाबाद के लोनी तक पहले 18 किमी की यात्रा टोल फ्री रहेगा। इन दूरी के लिए वाहन चालकों को कोई टोल नहीं देना होगा। इस एक्सप्रेस वे पर कोई टोल प्लाजा नहीं होगा। लेकिन स्कैन से टोल टैक्स काटा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी इस बारे में पूरी तरह से निर्णय नहीं लिया है। लेकिन ऊपरी स्तर से आदेश आने के बाद इसको लागू किया जाएगा। कुल 212 किमी लंबे एक्सप्रेसवे पर जितनी दूरी पर यात्रा करेंगे, उतना ही टोल देना होगा।

 

 

 

 

 

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे मुख्यमंत्री योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी ने बागपत में चौधरी अजित सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे और दिल्ली-यमुनोत्री हाइवे पर इंडस्ट्रीज कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने 350 करोड की 138 योजनाओं का लोकार्पण किया था। जिसमें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे और दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर इंडस्ट्रीज कॉरिडोर के निर्माण की योजना भी शामिल है।

 

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