ईपीएफओ की पहल तेज: 33 हजार पेंशनर्स को मिल रहा लाभ, 27 मार्च को विशेष शिविर

बरेली । उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने ‘विकसित भारत रोजगार योजना’ के तहत सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाने की दिशा में अभियान तेज कर दिया है। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक कर्मचारियों को पीएफ और पेंशन जैसी योजनाओं से जोड़ना है।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-द्वितीय अनिल कुमार ने बताया कि वर्तमान में बरेली में करीब 33 हजार पेंशनर्स ईपीएफओ से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान की गई है, जहां कर्मचारी पात्र होने के बावजूद अभी तक ईपीएफओ में पंजीकृत नहीं हैं। जिले में कुल 49 ऐसे संस्थान चिन्हित किए गए हैं। विभाग ने इन प्रतिष्ठानों से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की है, ताकि कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ मिल सकें।
इस अभियान में श्रम विभाग भी सक्रिय सहयोग कर रहा है। डाकघर से जुड़ी बैंकिंग टीम के साथ मिलकर कर्मचारियों और नियोक्ताओं को जागरूक किया जा रहा है, जिससे असंगठित और अर्ध-संगठित क्षेत्र के श्रमिक भी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
इसी क्रम में ईपीएफओ बरेली 27 मार्च 2026 को ‘निधि आपके निकट 2.0’ कार्यक्रम के तहत विशेष शिविर आयोजित करेगा। यह शिविर आठ जिलों में लगाए जाएंगे, जहां पीएफ, पेंशन और यूएएन से संबंधित शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।
वहीं, ईपीएफओ आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर विचार कर रहा है। मौजूदा 8.25 प्रतिशत दर को बढ़ाकर 9 प्रतिशत तक किए जाने की संभावना है। इसके अलावा आधार से लिंक यूएएन के जरिए ऑनलाइन निकासी प्रक्रिया को और सरल बनाने की तैयारी चल रही है। साथ ही न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर भी मंथन जारी है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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