बिजनौर कोतवाली में किन्नरों का 'खूनी' संग्राम: थाना बना अखाड़ा, जमकर चले लात-घूंसे; एसपी ने शहर कोतवाल को किया सस्पेंड
थाने के अंदर गुंडागर्दी का वीडियो वायरल होने से हड़कंप; पुलिस बनी रही तमाशबीन, 14 किन्नरों का चालान और इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच शुरू
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजनौर के सबसे व्यस्त 'कोतवाली शहर' के भीतर ही किन्नरों के दो गुटों ने न केवल जमकर हंगामा किया, बल्कि एक-दूसरे पर खूनी हमला भी कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस कप्तान ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने और स्थिति को न संभाल पाने के आरोप में प्रभारी निरीक्षक (कोतवाल) धर्मेंद्र सोलंकी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
घटना 10 फरवरी की है। जानकारी के अनुसार, किन्नरों के दो गुटों के बीच क्षेत्र (बधाई मांगने का इलाका) के बंटवारे को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। इसी विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष कोतवाली शहर पहुँचे थे। बातचीत के दौरान ही मामला बिगड़ गया और देखते ही देखते कोतवाली परिसर 'रणक्षेत्र' में तब्दील हो गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किन्नरों ने एक-दूसरे के बाल पकड़े, कपड़े फाड़ दिए और लात-घूंसों से हमला किया। शर्मनाक बात यह रही कि जहाँ यह मारपीट हो रही थी, वहां पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन वे प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय केवल मूकदर्शक बने रहे।
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ये भी पढ़ें महाशिवरात्रि 2026: अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग में 15 फरवरी को भगवान शिव का जलाभिषेकथाने के भीतर हुई इस गुंडागर्दी का वीडियो जैसे ही उच्चाधिकारियों के पास पहुँचा, हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक झा ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक जांच कराई, जिसमें पाया गया कि शहर कोतवाल धर्मेंद्र सोलंकी ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। थाने के भीतर ऐसी अराजकता को पुलिस की बड़ी नाकामी माना गया। एसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए कोतवाल को सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
14 गिरफ्तार, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल:
मारपीट के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया और एक गुट की तहरीर पर 14 किन्नरों के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि जब पुलिस अपने ही कार्यालय के भीतर सुरक्षा नहीं दे सकती, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? एसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता और कार्य में शिथिलता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भविष्य के लिए कड़े निर्देश:
इस घटना के बाद बिजनौर के सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है। थानों में होने वाली पंचायतों और आपसी विवादों के निपटारे के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल, कोतवाली शहर का प्रभार अस्थायी रूप से दूसरे अधिकारी को सौंपा गया है और विभाग की आंतरिक जांच टीम वीडियो के आधार पर अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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पत्रकारिता के क्षेत्र में जब भी निष्पक्षता और गहरे अनुभव की बात आती है, तो बिजनौर के वरिष्ठ पत्रकार पंकज भारद्वाज का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। पिछले कई दशकों से सामाजिक सरोकारों और जनहित की खबरों को अपनी कलम से धार देने वाले पंकज भारद्वाज वर्तमान में 'पब्लिक इमोशन' नामक दैनिक समाचार पत्र का सफल संपादन और प्रकाशन कर रहे हैं।
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