दरोगा के पैन कार्ड पर जालसाजों ने किया 10.5 करोड़ का खेल: लखनऊ में तैनात दरोगा को मिला GST का नोटिस, लखनऊ से मुजफ्फरनगर तक हड़कंप
पैन कार्ड से दिल्ली में रजिस्टर्ड कराई फर्जी फर्म; एसएसपी के आदेश पर एसपी क्राइम ने शुरू की जांच, करोड़ों की धोखाधड़ी से उड़े होश
लखनऊ/मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस के एक दरोगा के पैन कार्ड का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जालसाजों ने दरोगा के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर 10.5 करोड़ रुपये का लेनदेन कर डाला। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब जीएसटी (GST) विभाग ने टैक्स चोरी का नोटिस दरोगा के पते पर भेजा। पीड़ित दरोगा ने मुजफ्फरनगर एसएसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।
दिल्ली में खोली गई फर्जी फर्म: धर्मेंद्र कुमार ने जब मामले की तहकीकात की, तो पता चला कि किसी अज्ञात जालसाज ने उनके पैन कार्ड का इस्तेमाल कर दिल्ली में एक फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कराई थी। इसी फर्म के जरिए 10.5 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय लेनदेन किया गया। इस पूरी साजिश से दरोगा धर्मेंद्र कुमार पूरी तरह बेखबर थे। उन्होंने तुरंत जीएसटी और आयकर विभाग के अधिकारियों को इस धोखाधड़ी की लिखित जानकारी दी।
एसएसपी ने दिए जांच के आदेश: मंगलवार को दरोगा धर्मेंद्र कुमार ने मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा से मुलाकात की और अपने साथ हुई इस बड़ी जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई। एसएसपी ने मामले की गंभीरता और भारी भरकम राशि को देखते हुए एसपी क्राइम इंदू सिद्धार्थ को मामले की गहन जांच सौंप दी है। पुलिस अब उस नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है जिसने सरकारी कर्मचारी के दस्तावेजों का इतनी सफाई से दुरुपयोग किया।
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लेखक के बारे में
बिजेंद्र सैनी वर्ष 1993 से निरंतर रॉयल बुलेटिन परिवार का एक अभिन्न हिस्सा हैं। तीन दशकों से अधिक के अपने गौरवशाली सफर में उन्होंने संस्थान को तकनीकी और संपादकीय, दोनों मोर्चों पर मजबूती दी है।
वर्तमान में वह कंप्यूटर विभाग के वरिष्ठ प्रमुख (Senior In-charge) के रूप में तकनीकी कमान संभालने के साथ-साथ संपादकीय टीम (Editorial Team) के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं। तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभवी लेखनी के अनूठे संगम के साथ बिजेंद्र सैनी रॉयल बुलेटिन की विश्वसनीयता और प्रगति में निरंतर अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।

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