अब कर्मचारियों के लिए संजीवनी साबित होगा वेतन, मिलेगी 43 महीने की बकाया सैलरी
कानपुर। बीआईसी मिल यानी लाल इमली में कार्यरत कर्मचारियों को अब 43 महीने बाद मिल कर्मियों को उनका वेतन दिया जाएगा। इस बार के बजट में केंद्र सरकार की ओर से सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जिससे कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। शनिवार को सांसद सत्यदेव पचौरी ने बताया है […]
शनिवार को सांसद सत्यदेव पचौरी ने बताया है कि बीआईसी मिल यानी लाल इमली के कर्मचारियों को अब 43 महीने बाद वेतन देने का रास्ता साफ हो गया है। 650 कर्मचारियों को अब वेतन दिए जाने से उनके परिजनों को अपनी आजीविका चलाने मैं आसानी होगी। इस बार के बजट में केंद्र सरकार की ओर से सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किए जाने से मिल कर्मियों को वेतन देने का रास्ता साफ हुआ है।
650 कर्मचारियों के लिए यह वेतन संजीवनी साबित होगा। शनिवार आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए सांसद ने बताया है कि तकरीबन ढाई दशक से 650 कर्मचारियों के परिवार बेहद कष्ट दाई जीवन व्यतीत कर रहे थे। सरकार अब सभी कर्मचारियों के बकाया वेतन भुगतान के लिए 102 करोड रुपए की व्यवस्था कर रही है। बजट के पास होने के साथ ही भुगतान की प्रक्रिया को आरंभ कर दिया जाएगा।
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
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