आलू के गिरते दाम और गन्ने के संकट पर भाकियू प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने की केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात
भाकियू (अराजनैतिक) ने उठाई आलू निर्यात नीति में बदलाव और गन्ने की नई प्रजाति शीघ्र जारी करने की मांग
नई दिल्ली/मुज़फ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर देश के किसानों की दो प्रमुख समस्याओं पर गंभीर चर्चा की। उन्होंने मुजफ्फरनगर सहित पूरे देश के किसानों को प्रभावित कर रहे आलू के गिरते दामों और गन्ने की प्रमुख प्रजाति 0238 के संकट को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी।
धर्मेंद्र मलिक ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में गन्ने की 0238 प्रजाति में लाल सड़न रोग (रेड रॉट) के कारण किसानों का भारी नुकसान हो रहा है और चोटी बेधक कीट (टॉप बोरर) का प्रकोप भी बढ़ गया है। इस कारण खेती की लागत में वृद्धि और पैदावार में कमी आई है। उन्होंने मांग की कि किसानों को राहत देने के लिए भारतीय चीनी मिल संघ द्वारा वित्तपोषित और कोयंबटूर गन्ना प्रजनन संस्थान के करनाल केंद्र द्वारा तैयार की गई नई प्रजातियों (सीओ 20016 और सीओ 21012) को विशेष परिस्थितियों में अविलंब जारी किया जाए, क्योंकि किसानों के पास फिलहाल कोई अन्य बेहतर विकल्प मौजूद नहीं है।
आलू की समस्या पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ष 61 मिलियन मीट्रिक टन का बंपर उत्पादन हुआ है, लेकिन किसानों को लागत (12 रुपये प्रति किलो) के मुकाबले बाजार में मात्र 6-7 रुपये प्रति किलो का भाव मिल रहा है। इसे देखते हुए उन्होंने आलू को 'फ्री कैटेगरी' में रखने और न्यूनतम निर्यात मूल्य की शर्त हटाने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एफपीओ (किसान उत्पादक संगठनों) को परिवहन व बंदरगाह शुल्क में छूट मिले। साथ ही, 72 घंटे के भीतर फाइटो सैनिटरी प्रमाणपत्र और कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया सुनिश्चित कराने और शुष्क बंदरगाह (ड्राई पोर्ट) की सुविधा उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उचित समाधान के लिए निर्देश दिए।
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