झांसी में महिला ऑटो चालक अनीता की मौत हादसा नहीं, हुई थी 'हत्या', लिव-इन पार्टनर ने मारी थी सिर में गोली
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में पहली महिला ऑटो चालक अनीता चौधरी की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जिस घटना को पुलिस ने शुरुआत में सड़क हादसा माना था, उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी है। रिपोर्ट में साफ हुआ है कि अनीता की मौत ऑटो पलटने से नहीं, बल्कि सिर में गोली लगने से हुई थी। इसके बाद यह मामला हत्या में तब्दील हो गया है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अनीता के मंगलसूत्र, कान और नाक के गहने, पायल और मोबाइल फोन मौके से गायब थे। उनका कहना है कि पहले लूटपाट की गई और फिर हत्या कर शव को वहां फेंका गया। हत्या को हादसा दिखाने के लिए ऑटो को जानबूझकर पलट दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि अनीता पिछले कई वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। इस जानकारी ने केस को नया मोड़ दे दिया।
एसएसपी झांसी बीबीजीटीएस मूर्ति के अनुसार, मुख्य आरोपी मुकेश झा बीते छह से सात साल से अनीता के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। हाल के दिनों में दोनों के बीच किसी बात को लेकर लगातार विवाद चल रहा था। मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने मुकेश झा, उसके बेटे शिवम झा और बहनोई मनोज झा के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शिवम झा और मनोज झा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी मुकेश झा फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
एसएसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मृतका और मुख्य आरोपी के बीच लंबे समय से संबंध थे और हालिया विवाद हत्या की वजह बना। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं अनीता चौधरी की हत्या ने महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
