यूपी में नशे के सौदागरों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': जौनपुर में 7 रसूखदारों की जमानत खारिज, 18 फर्मों के लाइसेंस रद्द; इटावा में 65 लाख की खेप बरामद
जौनपुर/ इटावा - उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप को नशे के तौर पर बेचने वाले गिरोह के खिलाफ योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का बड़ा असर दिख रहा है। जौनपुर में जहाँ जिला न्यायालय ने इस काले कारोबार में शामिल सात नामचीन हस्तियों की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, वहीं इटावा पुलिस ने बिहार जा रही 65 लाख रुपये की बड़ी खेप को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
जौनपुर: कोर्ट की सख्त टिप्पणी, सातों रसूखदार अब जेल की दहलीज पर
लाइसेंस रद्द: 18 फर्में हमेशा के लिए बंद, 2 पर निलंबन की गाज
इस मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए वाराणसी मंडल के सहायक आयुक्त (औषधि) ने जौनपुर की 18 मेडिकल फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इनमें प्रमुख रूप से पूर्वांचल एसोसिएट्स, निगम मेडिकल एजेंसी, गुप्ता ट्रेडिंग, और निगम मेडिकल एजेंसी जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा दो अन्य फर्मों को 15 दिनों के लिए निलंबित किया गया है।
इटावा: 65 लाख की सिरप और 4 लाख से ज्यादा कैश बरामद
इटावा में एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस ने एक कंटेनर को जब्त किया, जिसमें 400 गत्तों में प्रतिबंधित सिरप भरी थी। पुलिस ने बिहार के समस्तीपुर निवासी तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद सिरप की कीमत बाजार में 65 लाख रुपये आंकी गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
