मुजफ्फरनगर में बारिश और कड़ाके की ठंड में भी नहीं डिगे किसानों के हौसले; घटतौली के खिलाफ 'आर-पार' की जंग जारी
मुजफ्फरनगर (रॉयल बुलेटिन)। गन्ने की तुलाई में हो रही अवैध कटौती (घटतौली) के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। जानसठ रोड स्थित विधिक माप विज्ञान विभाग के कार्यालय पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। कड़ाके की ठंड और दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश के बावजूद किसान अपनी मांगों पर अडिग रहे और स्पष्ट किया कि बिना लिखित आश्वासन के वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
खराब मौसम भी नहीं रोक सका किसानों का जोश
विभाग पर मिलीभगत का आरोप
भाकियू (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों का सीधा आरोप है कि जिले के तौल केंद्रों और धर्म कांटों पर बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है। अधिकारियों की नाक के नीचे किसानों की मेहनत की फसल में अवैध कटौती की जा रही है, लेकिन विधिक माप विज्ञान विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। वक्ताओं ने कहा कि विभाग की इस निष्क्रियता के कारण अन्नदाता को भारी आर्थिक चपत लग रही है।
लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा आंदोलन
22 जनवरी से शुरू हुए इस धरने को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी भी सक्षम अधिकारी ने मौके पर जाकर किसानों की सुध नहीं ली है। इससे किसानों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। यूनियन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यह लड़ाई अब आर-पार की होगी। जब तक दोषियों पर कार्रवाई और धांधली रोकने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना स्थल खाली नहीं किया जाएगा।
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लेखक के बारे में
बिजेंद्र सैनी वर्ष 1993 से निरंतर रॉयल बुलेटिन परिवार का एक अभिन्न हिस्सा हैं। तीन दशकों से अधिक के अपने गौरवशाली सफर में उन्होंने संस्थान को तकनीकी और संपादकीय, दोनों मोर्चों पर मजबूती दी है।
वर्तमान में वह कंप्यूटर विभाग के वरिष्ठ प्रमुख (Senior In-charge) के रूप में तकनीकी कमान संभालने के साथ-साथ संपादकीय टीम (Editorial Team) के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं। तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभवी लेखनी के अनूठे संगम के साथ बिजेंद्र सैनी रॉयल बुलेटिन की विश्वसनीयता और प्रगति में निरंतर अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।
