सावधान ! मुज़फ़्फ़रनगर में अब गाड़ियों की होगी अब 'मशीनी परीक्षा' शुरू, किरतपुर दौड़ेंगे वाहन स्वामी; जानें नया कानून
मुज़फ़्फ़रनगर/Muzaffarnagar: (रॉयल बुलेटिन ब्यूरो)। नया साल उत्तर प्रदेश के लाखों वाहन स्वामियों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। केंद्र सरकार के सख्त निर्देशों के बाद, 1 जनवरी 2026 से मुज़फ़्फ़रनगर सहित यूपी के 35 जिलों में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच (Manual Fitness Test) का युग पूरी तरह समाप्त हो गया है। अब आरटीओ (RTO) या एमवीआई (MVI) अपनी मर्जी से फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं कर पाएंगे। अब हर वाहन को मशीनों की 'अग्निपरीक्षा' से गुजरना होगा।
केंद्र का फरमान: मैनुअल सिस्टम पर लगा ताला
भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने पत्रांक संख्या RT-23013/2/2023-T (दिनांक 17 नवंबर 2025) के माध्यम से यूपी के 35 जिलों में मैनुअल फिटनेस को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। मंत्रालय के अवर सचिव यतेन्द्र कुमार (Yatendra Kumar) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब फिटनेस केवल ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के माध्यम से ही होगी।
मुज़फ़्फ़रनगर के लिए बिजनौर का 'किरतपुर' बना सहारा
चूंकि मुज़फ़्फ़रनगर जनपद में अभी तक अपना कोई सरकारी या निजी ATS केंद्र चालू नहीं हो पाया है, इसलिए यहाँ के वाहन स्वामियों को अब 60 किलोमीटर दूर बिजनौर के किरतपुर स्थित सेंटर की दौड़ लगानी होगी। इस आदेश ने जिले के ट्रांसपोर्ट सिस्टम और स्कूल संचालकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
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स्कूल संचालकों का संकट: "बच्चे पढ़ाएं या किरतपुर में लाइन लगाएं?" स्कूल बस संचालकों के लिए दूर-दराज के सेंटर पर जाकर फिटनेस कराना समय और पैसे दोनों की बर्बादी है।
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ट्रांसपोर्टर्स पर आर्थिक बोझ: डीजल का अतिरिक्त खर्चा और वहां लगने वाला समय ट्रांसपोर्टर्स की कमर तोड़ रहा है।
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अनफिट यानी कबाड़: अब अगर एटीएस मशीन ने वाहन को 'फेल' कर दिया, तो अधिकारी चाहकर भी सिस्टम में फिटनेस अपडेट नहीं कर पाएंगे। मानवीय हस्तक्षेप शून्य होने से पुराने वाहनों का सड़क पर चलना मुश्किल हो जाएगा।
मशीनी जांच (ATS) में क्या-क्या होगा चेक?
अब तक फिटनेस जांच केवल बाहरी दिखावट तक सीमित थी, लेकिन अब सेंसर और कैमरों के जरिए इन 5 बिंदुओं की बारीकी से जांच होगी:
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ब्रेक टेस्टिंग: रोलर आधारित मशीन पर ब्रेक की वास्तविक क्षमता।
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प्रदूषण विश्लेषण: निकास गैसों का वैज्ञानिक परीक्षण।
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हेडलाइट बीम: लाइट का फोकस और चमक की तीव्रता।
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सस्पेंशन और स्टीयरिंग: सड़क पर वाहन के संतुलन और नियंत्रण की जांच।
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स्पीड गवर्नर: क्या वाहन निर्धारित गति सीमा के भीतर है।
भारी चालान की चेतावनी
नया कानून लागू होने के बाद बिना फिटनेस के सड़क पर वाहन चलाने पर भारी जुर्माना देना होगा। पहली बार पकड़े जाने पर ₹5,000 और दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10,000 का चालान काटा जाएगा। मुज़फ़्फ़रनगर ट्रक ऑपरेटर्स और बस यूनियन ने इस फैसले को अव्यावहारिक बताते हुए मांग की है कि जब तक जनपद में अपना ATS स्टेशन नहीं खुलता, तब तक पुरानी व्यवस्था बहाल रखी जाए।
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