सीएम योगी ने किसे बताया कालनेमी?” सनातन को कमजोर करने वालों पर CM योगी का बड़ा हमला | बड़ा संकेत!
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक विमर्श में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
योगी के इस बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन्होंने ‘कालनेमी’ कहकर किसकी ओर इशारा किया। क्या यह किसी खास संगठन, धर्मगुरु या राजनीतिक ताकत की तरफ संकेत है, या यह व्यापक चेतावनी है उन लोगों के लिए, जो खुद को धर्म का ठेकेदार बताकर भीतर से सनातन धर्म को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
विशेषज्ञ और धार्मिक विचारकों का कहना है कि योगी का यह बयान रामायण के कालनेमी से जोड़कर देखा जा रहा है। रामायण में कालनेमी वही था, जो साधु का वेश धरकर हनुमान को भ्रमित करने आया था। इसी संदर्भ में अब यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग पूछ रहे हैं कि कहीं इशारा उसी दिशा में तो नहीं।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि योगी आदित्यनाथ के इस बयान से सियासी और धार्मिक विमर्श दोनों पर असर पड़ेगा। एक ओर यह बयान पार्टी के समर्थकों में चेतना और सुरक्षा की भावना को बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इसे बहस का नया मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं।
फिलहाल इतना तय है कि मुख्यमंत्री के ‘कालनेमी’ बयान ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है — कालनेमी कौन है और सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश किसकी ओर से की जा रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।
