कड़ाके की ठंड और घने कोहरे में भी आस्था की जीत, संगम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
प्रयागराज। कड़ाके की ठंड और चारों ओर फैले घने कोहरे के बावजूद माघ मेला 2026 में संगम तट पर आस्था की झलक देखने को मिली। लाखों श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर संगम में डुबकी लगाई, जिससे यह दृश्य मात्र मेला नहीं बल्कि सनातन परंपरा की जीवंत तस्वीर बन गया।
एक श्रद्धालु ने भावुक होकर कहा कि ठंड और कोहरे के बावजूद लोग सनातन धर्म की पहचान और आस्था को देखते हुए संगम में आए हैं और उन्होंने स्वयं भी पवित्र स्नान किया। वहीं एक बुज़ुर्ग श्रद्धालु ने कहा कि स्नान, ध्यान और आस्था ही जीवन है। चाहे मौसम कैसा भी हो, वह कई वर्षों से संगम स्नान के लिए आते हैं।
संगम पर हर डुबकी के साथ मंत्रोच्चार गूंजते रहे, हर कदम के साथ आस्था बहती रही और हर चेहरे पर आत्मिक संतोष दिखाई दिया।
मेला एसपी नीरज कुमार पांडे ने बताया कि आज तड़के करीब 3 बजे के बाद घना कोहरा बढ़ गया, जिससे व्यवस्थाओं में चुनौती बढ़ी। इसे देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरी सतर्कता बरती।
गौरतलब है कि माघ मेला 44 दिनों तक चलेगा और महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर संपन्न होगा। संगम तट पर आस्था का यह महासंगम तब तक निरंतर जारी रहेगा।
यह सिर्फ स्नान नहीं, यह विश्वास है।
यह सिर्फ ठंड नहीं, यह तपस्या है।
और यह सिर्फ मेला नहीं, यह सनातन की आत्मा है। 🔱
