सहारनपुर में प्रेमी युगल को पीटा:दोनों को चेतावनी देकर छोड़ा, घटना के 10 दिनों बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक शर्मनाक घटना सामने आई है। प्रेम संबंधों को अपराध मानते हुए गांव की पंचायत ने कानून को ताक पर रखकर एक युवक और युवती को सरेआम अमानवीय सजा दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने तथाकथित सामाजिक व्यवस्था और पंचायत संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला सहारनपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र के एक गांव का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, करीब दस दिन पहले गांव का ही एक युवक अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था। दोनों अलग-अलग जाति के बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों को जब इसकी भनक लगी तो प्रेमी युगल को पकड़ लिया गया और बिना पुलिस को सूचना दिए, बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के, दोनों को ग्राम प्रधान के घर ले जाकर पंचायत बैठा दी गई।
पंचायत के दौरान न तो कानून का पालन किया गया और न ही इंसानियत दिखाई गई। वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि युवक और युवती हाथ जोड़कर माफी मांग रहे हैं, रो रहे हैं और बार-बार छोड़ देने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन वहां मौजूद भीड़ का दिल नहीं पसीजा। पंचायत ने खुद को न्यायाधीश मानते हुए सरेआम सजा सुनाने का फैसला कर लिया।
वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि पंचायत में मौजूद लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, युवक और युवती को जूते, चप्पलों और डंडों से बेरहमी से पीट रहे हैं। यह हिंसा किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि पूरी भीड़ द्वारा की जा रही थी। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान कोई भी व्यक्ति उन्हें बचाने या इस बर्बरता को रोकने के लिए आगे नहीं आया।
सूत्रों के मुताबिक, घंटों चले मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के बाद पंचायत ने प्रेमी युगल से यह शर्त मनवाई कि वे भविष्य में कभी एक-दूसरे से नहीं मिलेंगे। कथित तौर पर लिखित या मौखिक वादा लेने के बाद ही दोनों को छोड़ा गया।
इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान सुरेंद्र कुमार का बयान भी विवादों में है। उन्होंने घटना को हल्का बताते हुए कहा कि युवक और युवती अलग-अलग जाति के हैं और केवल परिजनों द्वारा “दो-चार थप्पड़” मारे गए थे। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो उनके इस दावे की सच्चाई पर सवाल खड़े करता है, जिसमें भीड़ द्वारा की गई बर्बर पिटाई साफ दिखाई दे रही है।
वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि अब तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत या तहरीर थाने में नहीं दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पंचायत में मारपीट की कोई आधिकारिक सूचना फिलहाल संज्ञान में नहीं आई है। हालांकि वीडियो के आधार पर जांच की संभावना से इनकार नहीं किया गया है और शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है।
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आज भी कुछ इलाकों में सामाजिक आतंक कानून से ऊपर समझा जा रहा है।
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लेखक के बारे में
गौरव सिंघल सहारनपुर के एक अनुभवी और प्रतिष्ठित पत्रकार हैं, जो पिछले 18 वर्षों (2007 से) से मीडिया जगत में सक्रिय हैं। पत्रकारिता की बारीकियां उन्होंने विरासत में अपने पिता के मार्गदर्शन में 'अमर उजाला' और 'हिन्दुस्तान' जैसे संस्थानों से सीखीं।
अपने लंबे करियर में उन्होंने इंडिया टुडे (फोटो जर्नलिस्ट), शुक्रवार, इतवार, दैनिक संवाद और यूपी बुलेटिन जैसे दर्जनों प्रतिष्ठित समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में अपनी सेवाएं दीं। लेखनी के साथ-साथ कुशल फोटो जर्नलिस्ट के रूप में भी उनकी विशिष्ट पहचान है।
विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में अनुभव प्राप्त करने के बाद, वर्तमान में गौरव सिंघल सहारनपुर से 'रॉयल बुलेटिन' के साथ जुड़कर अपनी निष्पक्ष और गहरी रिपोर्टिंग से संस्थान को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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