संभल। उत्तर प्रदेश में संभल के नखासा क्षेत्र में पुलिस चौकी पर बुलाए गए एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर मृतक को प्रताड़ित करने और पुलिस चौकी में दवा न खाने देने का आरोप लगाया है। थाना नखासा के अंतर्गत के मोहल्ला खरगूसराय के एक परिवार में रुपयों के लेनदेन को लेकर में विवाद चल रहा था, इसी लेनदेन के चलते सोमवार सुबह पुलिसकर्मी इरफान (40) रायसत्ती पुलिस चौकी पर बुलाकर ले गए थे। पुलिस चौकी में इरफान की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि इरफान बीमार था और पुलिसकर्मियों ने थाने में इरफान को दवाई नहीं खाने दी। पुलिस की प्रताड़ना और समय पर दवाई न मिलने से इरफान की मौत हो गई।
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पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि आज सुबह थाना नखासा के अंतर्गत की निवासी महिला सफीक बेगम ने रायसत्ती पुलिस चौकी पर एक प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में सफीक बेगम ने अपने पुत्र अरकान पर मारपीट करने और अपने हिस्से के मकान के इरफान के माध्यम से छह लाख ले लेने के बावजूद मकान खाली न करने या फिर मकान खाली करने की जगह रुपए न लौटने का आरोप लगाया था।
प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपो की जांच के लिए पुलिस इरफान को पुलिस चौकी पर लेकर आई। पुलिस चौकी में इरफान ने दवा खाने को कहा जिस पर इरफान को दवा खाने दी गई। इसके बाद इरफान ने सीने में दर्द की शिकायत की तो उसका बेटा उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इरफान की मौत शायद हृदय गति रुकने के कारण हुई है। इरफान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मृत्यु के सही कारण का पता चलेगा। पुलिस चौकी पर इरफान को दवा न खाने देने का आरोप निराधार है।