फरवरी में कद्दू की खेती, 60 दिन में तैयार होने वाली फसल से होगी किसानों की जबरदस्त कमाई
अगर आप फरवरी के महीने में ऐसी सब्जी की खेती करना चाहते हैं जो कम लागत में जल्दी तैयार हो और बाजार में पहुंचते ही अच्छा दाम दिला दे तो कद्दू की खेती आपके लिए बेहतरीन विकल्प बन सकती है। आज के समय में कद्दू किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि यह बेल वाली सब्जियों में सबसे अगेती फसल मानी जाती है। जल्दी तैयार होने की वजह से यह बाजार में सबसे पहले पहुंचती है और किसानों की आमदनी बढ़ाने में सीधा योगदान देती है।
फरवरी का महीना कद्दू की अगेती खेती के लिए क्यों है सबसे सही
उन्नत किस्मों का चयन बढ़ाता है पैदावार और मुनाफा
अगेती खेती में किस्मों का चुनाव सबसे अहम भूमिका निभाता है। उन्नत और प्रमाणित किस्में कम समय में अधिक उत्पादन देती हैं और इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होती है। इससे दवाइयों और देखभाल पर होने वाला खर्च कम हो जाता है और शुद्ध लाभ बढ़ जाता है। कद्दू की खेती में सही किस्म चुनकर किसान कम समय में अच्छी कमाई कर सकते हैं।
अरका सूर्यमुखी कद्दू क्यों है बाजार की पसंद
अरका सूर्यमुखी कद्दू अपनी खूबसूरत बनावट और आकर्षक रंग की वजह से बाजार में अलग पहचान रखता है। इसका ऊपरी हिस्सा गोल होता है जबकि निचला हिस्सा थोड़ा अलग आकार का दिखाई देता है। इसका संतरी रंग ग्राहकों को काफी पसंद आता है। इस किस्म का औसत वजन करीब एक किलो तक होता है जिससे इसे ढोना और बेचना आसान रहता है। होटल और शहरी बाजारों में इसकी मांग अधिक रहती है और किसानों को अच्छे भाव मिलते हैं।
पूसा विश्वास किस्म से कैसे मिलती है भरपूर पैदावार
पूसा विश्वास कद्दू की किस्म किसानों के बीच अपनी शानदार उत्पादक क्षमता के लिए जानी जाती है। यह किस्म प्रति हेक्टेयर बहुत अच्छी उपज देने में सक्षम है। इसके फल हरे रंग के होते हैं जिन पर हल्के सफेद धब्बे इसकी पहचान बनाते हैं। यह फसल करीब 120 दिनों में तैयार हो जाती है। सही खाद और सिंचाई देने पर इसके फल बड़े और गुणवत्तापूर्ण बनते हैं जिससे बाजार में बेहतर कीमत मिलती है।
काशी उज्ज्वल किस्म से मजबूत पौधा और अच्छा उत्पादन
काशी उज्ज्वल कद्दू की किस्म उत्तर भारत और दक्षिण भारत दोनों क्षेत्रों में काफी पसंद की जाती है। इसके पौधे मजबूत होते हैं और हर पौधे से चार से पांच फल आसानी से मिल जाते हैं। यह किस्म लगभग 110 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। थोड़े अधिक समय के बावजूद इसकी गुणवत्ता और बाजार मांग इसे किसानों के लिए फायदेमंद बनाती है।
नरेंद्र आभूषण और काशी हरित से बढ़ती है किसानों की आमदनी
नरेंद्र आभूषण कद्दू का आकार मध्यम और गोल होता है जिस पर गहरे हरे रंग के निशान होते हैं। पकने के बाद इसका रंग नारंगी हो जाता है। इससे प्रति हेक्टेयर अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है। वहीं काशी हरित किस्म बहुत कम समय में तैयार हो जाती है और इसे कद्दू की टॉप वैरायटी माना जाता है। इसके फल बड़े होते हैं और एक पौधे से चार से पांच फल मिलते हैं जिससे किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ जाती है।
कम समय में ज्यादा लाभ देने वाली खेती
कद्दू की अगेती खेती उन किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है जो कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं। फरवरी में सही किस्म चुनकर और समय पर बुवाई करके किसान बाजार में जल्दी पहुंच सकते हैं और सीजन की शुरुआत में बेहतर भाव पा सकते हैं।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य कृषि जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। फसल की पैदावार और लाभ मिट्टी मौसम और देखभाल पर निर्भर करता है। खेती शुरू करने से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह जरूर लें।
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लेखक के बारे में
युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

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