रॉयल बुलेटिन की खबर का बड़ा असर: प्लास्टिक कचरा जलाने और हरे पेड़ सुखाने वाले कोल्हुओं पर चला प्रशासन का हंटर
मोरना-भोपा मार्ग पर वन विभाग की छापेमारी से कोल्हू संचालकों में हड़कंप; आधा दर्जन कोल्हू कराए गए बंद; गर्म राख से वृक्षों को सुखाने पर होगी कड़ी कार्रवाई
मोरना। क्षेत्र में प्रतिबंधित प्लास्टिक कचरा जलाकर हवा को जहरीला बनाने और गर्म राख डालकर हरे-भरे वृक्षों को सुखाने वाले कोल्हू संचालकों के खिलाफ वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को वन विभाग की टीम ने 'रॉयल बुलेटिन' में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए मोरना-भोपा मार्ग पर ककराला गांव के पास छापेमारी की और नियमों का उल्लंघन करने वाले आधा दर्जन कोल्हुओं को बंद करा दिया।
मोरना-भोपा मार्ग किनारे स्थित गन्ना कोल्हुओं द्वारा प्रतिबंधित प्लास्टिक कचरे को ईंधन के रूप में जलाए जाने और कोल्हुओं से निकलने वाली खौलती गर्म राख को सड़क किनारे सरकारी भूमि पर डंप करने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इस राख की वजह से सड़क किनारे खड़े कई कीमती और हरे वृक्ष जलकर सूख गए थे। शनिवार के अंक में 'रॉयल बुलेटिन' ने पर्यावरण को पहुँच रहे इस भारी नुकसान की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसे उच्चाधिकारियों ने गंभीरता से लिया।
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छापेमारी में पकड़ा गया प्रतिबंधित कचरा, कोल्हू सील
वन दरोगा नंद किशोर शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम शनिवार को ककराला गांव पहुंची। टीम को मौके पर गन्ने की पत्तियों के साथ बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक कचरा जलाया जाता मिला। साथ ही, सड़क किनारे गर्म राख के बड़े-बड़े ढेर पाए गए, जिनसे हरे वृक्ष सूख रहे थे। वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंकित, शमशाद, विजयपाल, विपिन, अफजाल और कपिल के गन्ना कोल्हुओं को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया।
अग्रिम आदेश तक संचालन पर रोक
वन दरोगा नंद किशोर शर्मा ने बताया कि कोल्हू संचालकों द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर गर्म राख डालना और प्रतिबंधित ईंधन जलाना गंभीर अपराध है। सभी कोल्हू संचालकों को अग्रिम आदेशों तक कार्य बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौके की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है, जिसके आधार पर संचालकों पर भारी जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी के दौरान वन दरोगा अमित कुमार, प्रवेश कुमार, रोहित कुमार, शीशपाल, राजकुमार और राजवीर सहित पूरी टीम मौजूद रही। वन विभाग की इस धमक से क्षेत्र के अन्य कोल्हू संचालकों में भी अफरा-तफरी का माहौल है।
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लेखक के बारे में
पत्रकार नरेंद्र बालियान पिछले 6 वर्षों से मुज़फ्फरनगर के भोपा, मोरना और ककरौली क्षेत्र में 'रॉयल बुलेटिन' के प्रतिनिधि के रूप में निरंतर सक्रिय हैं। क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक स्थितियों की गहरी समझ रखने वाले नरेंद्र बालियान ग्रामीण समस्याओं और विकास कार्यों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। पिछले 6 सालों में उन्होंने अपनी निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से भोपा-मोरना क्षेत्र की जनता और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य किया है। क्षेत्र की खबरों और सूचनाओं के लिए आप उनसे मोबाइल नंबर 7906131417 पर संपर्क कर सकते हैं।

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