बारामती हादसे पर उड्डयन मंत्रालय ने दी सभी जानकारी, बताया कब क्या हुआ..?
नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार को ले जा रहे विमान से जुड़ी जानकारी दी है। मंत्रालय ने हादसे से जुड़ा पूरा घटनाक्रम बताया है। विमान लीयरजेट 45 मुंबई से बारामती जा रहा था और इसे एक निजी विमानन कंपनी वीएसआर वेंचर्स ऑपरेट करती थी। विमान को सुबह 8.43 मिनट पर रनवे 11 पर लैंड करने की इजाज़त दी गई थी, लेकिन उन्होंने लैंडिंग क्लीयरेंस का रीडबैक नहीं दिया। इसके बाद एयर ट्रफिक कंट्रोलर ने 8.44 मिनट पर रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के आसपास आग की लपटें देखीं।
दुर्घटनाग्रस्त विमान 2010 का बना था। विमान के पास उड़ान से जुड़े पास सभी जरूरी प्रमाणपत्र थे। वहीं मुख्य पायलट सुमित कपूर के पास 15 हजार और सह-पायलट शांभवी पाठक के पास 1500 घंटे का उड़ान अनुभव था। कंपनी का इससे पहले 14 सितंबर, 2023 को भी कंपनी का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। यहां पंजीकरण संख्या वीटी-डीबीएल वाला लेयरजेट 45 विमान था। मुंबई हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उसकी जांच एएआईबी कर रहा है।
विमान में दो यात्री उप मुख्यमंत्री अजित पवार और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी एचसी विदिप जाधव थे। इसके अलावा फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी विमान में सवार थी। हादसे में सभी 5 लोगों की मौत हो गई है। मंत्रालय के मुताबिक बारामती हवाई अड्डा नियंत्रित तरीके से काम नहीं करता था और यहां यातायात संबंधी जानकारी बारामती स्थित उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के प्रशिक्षकों/पायलटों की ओर से दी जाती है। एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) पर तैनात व्यक्ति के बयान के अनुसार विमान वीटी-एसएसके ने सुबह 8:18 बजे बारामती में संपर्क किया। विमान को बारामती की ओर 30 मील की दूरी पर अगली सूचना मिली। उन्हें पायलट के विवेकानुसार दृश्य मौसम संबंधी परिस्थितियों में उतरने की सलाह दी गई। चालक दल ने हवाओं और दृश्यता के बारे में पूछताछ की और उन्हें जानकारी दी गई कि हवा शांत है और दृश्यता लगभग 3 हजार मीटर है।
इसके बाद विमान ने रनवे 11 पर पहुंचने की सूचना दी, लेकिन रनवे उन्हें दिखाई नहीं दिया। उन्होंने पहले प्रयास में गो-अराउंड शुरू कर दिया। गो अराउंड के बाद विमान से उसकी स्थिति के बारे में फिर पूछा गया और चालक दल ने रनवे 11 पर आने की सूचना दी। इसके बाद पायलट को रनवे दिखाई देने की सूचना देने को कहा गया। उन्होंने जवाब दिया, "रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा है, रनवे दिखाई देने पर सूचित करेंगे।" कुछ सेकंड बाद उन्होंने सूचना दी कि रनवे दिखाई दे रहा है। विमान को सुबह 8:43 बजे रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई थी, हालांकि, लैंडिंग की अनुमति का उन्होंने रीडबैक नहीं दिया। इसके बाद 8:44 बजे एटीसी ने रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग की लपटें देखीं।
मंत्रालय के अनुसार आपातकालीन सेवाएं तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचीं। विमान का मलबा रनवे अबीम थ्रेशहोल्ड/आरडब्ल्यू 11 के बाईं ओर स्थित है। एएआईबी ने जांच अपने हाथ में ले ली है। मंत्रालय ने विमानन कंपनी के बारे में भी जानकारी साझा की है। उनके अनुसार वीएसआर वेंचर्स एक गैर-अनुसूचित विमान संचालक (एनएसओपी) है, जिसकी परमिट संख्या 07/2014 है। इस विमान का प्रारंभिक एओपी दिनांक 21 अप्रैल, 2014 को जारी किया गया था। विमान के एओपी का नवीनीकरण 03 अप्रैल 2023 को हुआ था और यह 20 अप्रैल 2028 तक वैध है। कंपनी के बेड़े में 17 विमान है। इनमें से सात लेयरजेट 45 विमान, पांच एम्ब्रेयर 135बीजे विमान, चार किंग एयर बी200 विमान और एक पिलाटस पीसी-12 विमान हैं। कंपनी का अंतिम नियामक ऑडिट फरवरी 2025 को डीजीसीए ने किया गया था और कोई खामी नहीं पाई गई थी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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