मुजफ्फरनगर में बीजेपी सभासद से अभद्रता पड़ी सिपाही को भारी, आधी रात में लाइन हाजिर
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में एक मामूली वाहन चेकिंग का मामला ऐसा भड़का कि सड़क से लेकर सत्ता के गलियारों तक हड़कंप मच गया। भारतीय जनता पार्टी के सभासद प्रशांत गौतम से कथित अभद्रता करना एक पुलिस सिपाही को आखिरकार इतना महंगा पड़ गया कि उसे आधी रात में लाइन हाजिर कर दिया गया।
यहीं से विवाद ने तूल पकड़ लिया। सभासद का आरोप है कि उसी वक्त सड़क पर दर्जनों लोग बिना हेलमेट खुलेआम गुजर रहे थे, लेकिन पुलिस की नजर सिर्फ उन्हीं पर टिक गई। जब उन्होंने इसका विरोध किया और अपनी पहचान बताई, तो पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से रुखा और अभद्र रवैया अपनाया।
पहचान बताने पर भी नहीं बदला रवैया
सभासद का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी का निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, मानो जानबूझकर अपमानित किया जा रहा हो। इस पर माहौल गरमा गया और देखते ही देखते सड़क पर बहस हंगामे में तब्दील हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भाजपा के नेता और कार्यकर्ता उमड़ पड़े। पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेश पाराशर, सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, नवनीत गुप्ता आदि पार्टी के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। नारेबाजी शुरू हुई, पुलिस पर सवाल उठे और हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। अंततः सभासद का चालान नहीं किया गया।
मंत्री के आवास पर चला रातभर हाई-वोल्टेज ड्रामा
मामला सड़क तक सीमित नहीं रहा। सभासद प्रशांत गौत्तम और भाजपा नेताओं ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी विधायक एवं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल को दी। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मंत्री के आवास पर पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
स्थिति को संभालने के लिए नई मंडी कोतवाल ब्रजेश कुमार शर्मा और सिविल लाइन कोतवाल आशुतोष कुमार मंत्री आवास पहुंचे। नाराज भाजपाइयों को मनाने का प्रयास किया गया, लेकिन कार्यकर्ता सिपाही सुशील कुमार के खिलाफ ठोस कार्रवाई से पहले हटने को तैयार नहीं हुए।
आधी रात में झुकी पुलिस
रात करीब बारह बजे के आसपास आखिरकार प्रशासन ने दबाव स्वीकार किया। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने एसएसपी संजय कुमार वर्मा से बातचीत कर सिपाही सुशील कुमार को लाइन हाजिर करा दिया। जैसे ही यह सूचना भाजपा कार्यकर्ताओं को मिली, माहौल बदल गया। कार्यकर्ताओं ने इसे अपनी जीत बताया और नारेबाजी करते हुए खुशी का इज़हार किया।
पहले भी विवादों में रहा है सिपाही
भाजपा नेताओं का आरोप है कि सिपाही सुशील कुमार पहले भी कई भाजपा नेताओं के साथ अभद्रता कर चुका है। यहां तक कि रेलवे स्टेशन के बाहर गन्ना समिति के चेयरमैन शंकर सिंह भोला के साथ हुई अभद्रता के मामले में भी इसी सिपाही की भूमिका बताई जा रही है।
जिले में बना चर्चा का केंद्र
बहरहाल, सिपाही के लाइन हाजिर होते ही भाजपा खेमे में खुशी की लहर है, जबकि यह पूरा घटनाक्रम जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि कानून व्यवस्था के नाम पर हो रही सख्ती कहीं चयनात्मक तो नहीं, और क्या भविष्य में ऐसे मामलों पर पुलिस ज्यादा सतर्क रवैया अपनाएगी।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप त्यागी पिछले दो दशकों (20 वर्ष) से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक अटूट और विश्वसनीय स्तंभ हैं। दो दशकों के अपने इस लंबे सफर में आपने मुज़फ्फरनगर की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलचल को बेहद करीब से देखा और अपनी लेखनी से जनता की आवाज़ बुलंद की है। वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में जिला प्रभारी की ज़िम्मेदारी निभा रहे श्री त्यागी अपनी ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए पूरे जिले में पहचाने जाते हैं। जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 9027803022 पर संपर्क कर सकते हैं।

टिप्पणियां