ग्रीनलैंड विवाद: अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप की सैन्य शक्ति सीमित करने के लिए पेश किया बिल, फंडिंग पर रोक
वाशिंगटन। अमेरिका के सांसदों (सीनेटर) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ग्रीनलैंड सहित किसी भी नाटो सदस्य देश या क्षेत्र पर हमला करने या कब्जा करने से रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया है। मंगलवार को पेश किया गया 'नाटो यूनिटी प्रोटेक्शन एक्ट' विधेयक रक्षा विभाग और विदेश विभाग को किसी भी नाटो सदस्य देश के क्षेत्र की 'नाकेबंदी करने, कब्जा करने, विलय करने या नियंत्रण स्थापित करने' के लिए धन के उपयोग पर रोक लगाने का प्रावधान करता है। इसके अलावा, रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर डॉन बेकन ने डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के साथ मिलकर एक ऐसा विधेयक पेश किया है, जो राष्ट्रपति को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य बल का उपयोग करने से पहले ही रोकने का प्रयास करता है।
श्री कीटिंग ने कहा, "यह हमारे साझा लक्ष्यों और हमारी सुरक्षा के बारे में है, न केवल यूरोप में, बल्कि स्वयं अमेरिका में भी।" श्री कीटिंग इस विधेयक का नेतृत्व सेवानिवृत्त डॉन बेकन, स्टेनी होयर और ब्रेंडन बॉयल के साथ कर रहे हैं।
श्री कीटिंग ने कहा कि सांसदों ने सोमवार रात से ही इस के लिए समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है और उम्मीद है कि और अधिक रिपब्लिकन इस प्रयास में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि धनराशि को रोकना प्रशासन पर दबाव बनाने का एक अधिक प्रभावी तरीका है। कीटिंग ने कहा, "युद्ध शक्तियां महत्वपूर्ण हैं, लेकिन हमने डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों के साथ देखा है कि यह उतना प्रभावी नहीं है। धन की कमी या कर्मियों को इसकी अनुमति न देना ऐसी बाधा है जिससे पार पाना मुश्किल है।"
यह नया कानून ऐसे समय में बनाया जा रहा है जब डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन की सैन्य कार्रवाई को सीमित करने के तरीके खोज रहे हैं। सीनेट इस सप्ताह के अंत में वेनेजुएला पर 'युद्ध शक्तियों के उपाय' को मंजूरी दे सकती है, हालांकि प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रजेनटेटिव) में इसका भविष्य अनिश्चित है।
ट्रंप प्रशासन के अधिकारी डेनमार्क के क्षेत्र ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करने के लिए सैन्य बल सहित विभिन्न विकल्पों पर खुले तौर पर विचार कर रहे हैं। ऐसी कार्रवाई नाटो के 'अनुच्छेद 5' का उल्लंघन होगी, जिसमें कहा गया है कि एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा।
