यूपी : सीबीआई ने एफसीआई चंदौसी डिपो में रिश्वतखोरी के मामले में दो अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ा
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) डिपो, चंदौसी (संभल, उत्तर प्रदेश) में रिश्वतखोरी के मामले में दो अधिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
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सीबीआई ने एक निजी फर्म के मालिक की लिखित शिकायत पर बुधवार को मामला दर्ज किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह एफसीआई बबराला डिपो में चावल के 16 ढेर (स्टैक) जमा कर चुका था और आगे 8 ढेर जमा करने की योजना बना रहा था। डिपो प्रभारी ने स्टैक पास करने के लिए अवैध रूप से 50,000 रुपए की मांग की और शेष 8 स्टैक के लिए प्रत्येक पर 15,000 रुपए की अतिरिक्त मांग की। जांच में पता चला कि प्रबंधक भी इस साजिश में शामिल था।
सीबीआई ने जाल बिछाकर ट्रैप ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के दौरान दोनों अधिकारियों को शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में 30,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। यह राशि स्टैक पासिंग और आगे के कामों के लिए ली गई थी। गिरफ्तारी के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया और जांच जारी है। सीबीआई ने आरोपियों के परिसरों पर छापेमारी भी की, जहां से संबंधित दस्तावेज और सबूत जब्त किए गए हैं।
एफसीआई डिपो में चावल/अनाज स्टोरेज और स्टैकिंग के दौरान अक्सर ऐसे भ्रष्टाचार की शिकायतें आती रहती हैं। निजी मिलर्स और ट्रांसपोर्टर्स से रिश्वत लेकर गुणवत्ता जांच में ढील, स्टैक पासिंग या अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। इस मामले में भी स्टैक पासिंग के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी। सीबीआई के अनुसार, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का हिस्सा है।
एफसीआई में भ्रष्टाचार के कई पुराने मामले सामने आ चुके हैं, जैसे पंजाब-हरियाणा में सिंडिकेट के जरिए प्रति ट्रक हजारों रुपए की रिश्वत। हाल के वर्षों में भी ओडिशा, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में एफसीआई अधिकारियों की गिरफ्तारियां हुई हैं।
सीबीआई ने कहा कि जांच में आगे और लोगों के शामिल होने की आशंका है, इसलिए छापेमारी और पूछताछ जारी रहेगी। आरोपी अधिकारियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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