मेरठ की सिपाही की 'फिल्मी' लव स्टोरी: शादी वाले दिन प्रेमी हिस्ट्रीशीटर संग हुई फरार, 12 साल पुराने प्यार के लिए खाकी और परिवार से बगावत
शादी की रात 2 बजे घर पहुँचा हिस्ट्रीशीटर अंकित, बाइक पर बैठकर निकली सिपाही; किडनैपिंग की कहानी निकली प्रेम प्रसंग, कोर्ट में सरेंडर के बाद प्रेमी जेल
मेरठ/मवाना। उत्तर प्रदेश पुलिस की एक महिला सिपाही की शादी के घर में उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब दुल्हन बनी बेटी मंडप सजने से पहले ही अपने प्रेमी हिस्ट्रीशीटर के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गई। मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव की रहने वाली सिपाही संध्या भारद्वाज के इस कदम ने न केवल पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया, बल्कि परिवार को भी गहरे सदमे में डाल दिया। पुलिस जिसे 'अपहरण' समझकर तलाश रही थी, वह दरअसल 12 साल पुरानी एक गहरी प्रेम कहानी निकली।
शादी की रात 2 बजे का वो हाई-वोल्टेज ड्रामा:
8 फरवरी को संध्या की शादी अलीगढ़ में तैनात सिपाही अतुल शर्मा से होनी थी। घर में खुशियों का माहौल था, ढोलक की थाप पर मंगल गीत गाए जा रहे थे। लेकिन रात 2 बजे गांव की गलियों में एक बाइक की आवाज गूँजी। बाइक पर सवार था मवाना के ढकौल गांव का हिस्ट्रीशीटर अंकित चौहान। अंकित ने संध्या को फोन किया और घर के बाहर बुलाया। परिवार के लोग भी बाहर निकल आए। अंकित ने दहाड़ते हुए कहा, "जब मैंने कहा था कि संध्या की शादी मुझसे होगी, तो कहीं और क्यों कर रहे हो?" इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, संध्या अपने गहने और अरमानों के साथ अंकित की बाइक पर बैठकर अंधेरे में ओझल हो गई।
9वीं क्लास से शुरू हुआ था 'इश्क' का सफर:
संध्या और अंकित की यह प्रेम कहानी करीब 12 साल पुरानी है। संध्या जब 9वीं कक्षा में थी, तब वह अपनी बुआ के घर ढकौल गांव रहकर पढ़ाई कर रही थी। अंकित भी उसी गांव का रहने वाला था। वहीं दोनों के बीच मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ। 2021 में संध्या का चयन यूपी पुलिस में हो गया और वह साइबर थाने में तैनात हो गई, जबकि अंकित का रास्ता भटक गया और वह 11 मुकदमों के साथ थाने का हिस्ट्रीशीटर बन गया। पद और प्रतिष्ठा के इस बड़े अंतर के बावजूद दोनों का प्यार कम नहीं हुआ।
घेराबंदी बढ़ी तो थाने पहुँची सिपाही:
पिता ने अंकित के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। मेरठ पुलिस ने बॉर्डर पर तगड़ी घेराबंदी की। सिपाही की मां भी लगातार उसे फोन कर बदनामी का हवाला देकर समझाती रहीं। संध्या और अंकित कोर्ट मैरिज करना चाहते थे, लेकिन पुलिस के बढ़ते दबाव और मां की भावुक अपील के बाद संध्या मवाना थाने पहुँच गई। उसने साफ कहा, "मैं अपनी मर्जी से अंकित के साथ गई थी, उसने मेरा अपहरण नहीं किया।"
कोर्ट में बयान और सरेंडर:
9 फरवरी को कोर्ट में बयान दर्ज कराते हुए संध्या ने अपने परिवार से बगावत कर दी और अंकित के प्रति अपना प्यार जाहिर किया। इसके बाद 10 फरवरी को हिस्ट्रीशीटर अंकित चौहान ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। संध्या फिलहाल अपने पिता के घर न जाकर अपने ननिहाल चली गई है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्यार की डोर कभी-कभी कानूनी बंदिशों और खाकी की मर्यादा से भी बड़ी हो जाती है।
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