'उंगलियां काट देंगे' टिप्पणी पर रामकृपाल यादव का कल्याण बनर्जी को जवाब, 'बंगाल की जनता टीएमसी को हैसियत बता देगी'
पटना । बिहार सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता रामकृपाल यादव ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि टीएमसी संविधान में विश्वास नहीं करती है। इस बार बंगाल की जनता टीएमसी को उसकी हैसियत बता देगी। रामकृपाल यादव ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के उस विवादित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा, "अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार संवैधानिक पद पर नहीं होते तो वह उनकी उंगली काट देते।"
ये भी पढ़ें जयशंकर ने फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चारामकृपाल यादव ने कहा, "टीएमसी संविधान में विश्वास नहीं करती और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ ऐसी बातें करती है। 'उंगलियां काट देंगे' और गर्दन काट देंगे, क्या लोकतंत्र में इस तरह की भाषा की इजाजत है? इस बार बंगाल की जनता टीएमसी को उसकी हैसियत बता देगी।" उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन पर कहा, "एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है। एसआईआर के माध्यम से संवैधानिक पद पर बैठे लोग अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अवैध घुसपैठियों के बल पर वोट बैंक बनाकर वहां की सरकार अगर चाहती है कि सत्ता की प्राप्ति कर लें, तो ऐसा तो नहीं होगा। कानून सबके लिए है। अगर किसी को परेशानी हो रही है, बंगाल की सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को, तो उस पर कुछ नहीं कहा जा सकता।"
इसी बीच, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, "कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव देना दुर्भाग्यपूर्ण है। जहां तक मुझे पता है, स्पीकर को लोकसभा में लंबे समय तक रहने का मौका मिला है। वे पूरी निष्पक्षता से कार्यवाही करते हैं और सबकी सुनते हैं, चाहे वे सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के। वे कोई भेदभाव नहीं करते हैं और अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन लगातार करते रहे हैं।" रामकृपाल यादव ने कहा, "विपक्षी नेताओं के मन में स्पीकर के प्रति आदर नहीं है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण सोच है। घटिया सोच के साथ विपक्ष संवैधानिक पद पर बैठे स्पीकर को कटघरे में खड़ा करके देश-दुनिया के सामने चेहरा चमकाना चाहता है तो बता दूं कि उसका चेहरा चमकने वाला नहीं है।"
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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