खामेनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर में हुए प्रदर्शनों पर लगाए गए प्रतिबंध हटे, जनजीवन सामान्य
श्रीनगर। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद घाटी के कई हिस्सों में हुए प्रदर्शनों के मद्देनजर पूरे सप्ताह लागू प्रतिबंधों को अधिकारियों द्वारा हटाए जाने के बाद शनिवार को कश्मीर में जनजीवन सामान्य हो गया। अधिकारियों ने कहा कि घाटी के सभी हिस्सों से प्रतिबंध हटा दिए गए हैं और स्थिति सामान्य है। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने लोगों के जमावड़े को रोकने के लिए लाल चौक समेत कुछ स्थानों पर लगाए गए बैरिकेड हटा दिए हैं।
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में खामेनेई की हत्या के बाद रविवार को हुए व्यापक प्रदर्शनों के बाद लाल चौक स्थित प्रतिष्ठित घंटाघर को चारों ओर बैरिकेड लगाकर सील कर दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह लाल चौक और शहर के अन्य क्षेत्रों में दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान फिर से खुल गए और सार्वजनिक और निजी परिवहन सामान्य रूप से चल रहा था।
सोमवार को लागू मोबाइल इंटरनेट और प्रीपेड सिम कार्ड सेवाओं पर प्रतिबंध शुक्रवार शाम को बहाल कर दिए गए। हालांकि शिक्षण संस्थान बंद रहे और 9 मार्च को खुलने वाले हैं। अधिकारियों ने बताया कि शहर भर से बैरिकेड और अधिकांश पुलिस एवं अर्धसैनिक सीआरपीएफ कर्मियों को हटा लिया गया है लेकिन स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सोमवार को कश्मीर के उन हिस्सों में लोगों की आवाजाही और सभा पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए गए थे जहां बड़े पैमाने पर सड़क प्रदर्शन हुए थे।
कश्मीर जहां लगभग 15 लाख शिया आबादी है में खामेनेई की हत्या की खबर फैलते ही लाल चौक, सैदा कदल, बुडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारी सीना पीटते हुए अमेरिका विरोधी और इजरायल विरोधी नारे लगा रहे थे। हालांकि प्रदर्शन ज्यादातर शांतिपूर्ण रहे लेकिन कुछ स्थानों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच मामूली झड़पें हुईं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों को मामूली बल प्रयोग करना पड़ा।
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