मेरठ: लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में विश्व मोटापा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
मेरठ। आज दिनांक 6 मार्च 2026 को 'विश्व मोटापा दिवस' के अवसर पर लाला लाजपत राय मेमोरियल (LLRM) मेडिकल कॉलेज के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग द्वारा एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विशेषज्ञों ने मोटापे को आधुनिक युग की सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए इससे बचने के उपाय साझा किए।
विशेषज्ञों ने मोटापे को बताया 'साइलेंट किलर'
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर. सी. गुप्ता ने मोटापे को एक "साइलेंट किलर" करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोटापा हृदय रोग और हाइपरटेंशन जैसी घातक बीमारियों की नींव रखता है, इसलिए इसके प्रति जागरूकता एक निरंतर चलने वाला अभियान होना चाहिए।
एसआईसी डॉ. सुधा कुमारी ने इसे आधुनिक चिकित्सा की बड़ी चुनौती बताते हुए जीवन में अनुशासन अपनाने पर बल दिया। वहीं, सर्जरी विभाग के डॉ. धीरज बालियान ने कहा कि आज मशीनी युग के कारण शारीरिक श्रम कम हो गया है, जिससे अब गांवों में भी मोटापा तेजी से पैर पसार रहा है। उन्होंने नियमित व्यायाम और उचित आहार को बचाव का एकमात्र रास्ता बताया।
बाल-मोटापे (Childhood Obesity) पर जताई चिंता
सीएमएस डॉ. अनुपमा वर्मा ने समाज में व्याप्त एक खतरनाक मिथक पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग 'गोल-मटोल' बच्चों को स्वस्थ मान लेते हैं, जबकि यह मोटापा बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा (Developmental Delay) डाल सकता है और भविष्य में उन्हें मेटाबॉलिक सिंड्रोम का शिकार बना सकता है।
बीमारियों की जड़ है मोटापा
एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संध्या गौतम ने स्पष्ट किया कि मोटापा डायबिटीज, हाइपरटेंशन और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी कई बीमारियों की जड़ है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. योगिता सिंह, प्रोफेसर डॉ. स्नेहलता वर्मा और डॉ. श्वेता सिंह ने भी मधुमेह और मोटापे के बीच के सीधे संबंध पर विस्तृत प्रकाश डाला।
मरीजों के लिए विशेष परामर्श सुविधा
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अविनाश शर्मा, डॉ. आयुषी सिंघल, डॉ. गुरसिमरन सिंह और डॉ. शशांक शेखर ने मरीजों को वैज्ञानिक तथ्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रोसेस्ड फूड की सुलभता ने स्वास्थ्य संकट को और गहरा कर दिया है।
अस्पताल प्रशासन ने जानकारी दी कि मोटापे से ग्रसित मरीज विशेषज्ञ परामर्श के लिए प्रत्येक गुरुवार और शनिवार को एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की ओपीडी (OPD) में संपर्क कर सकते हैं। वहां चार्ट और चिकित्सकीय परामर्श के माध्यम से मरीजों को उचित उपचार और जीवनशैली में बदलाव की जानकारी दी जाएगी।
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