यूपी बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और आईटी सेक्टर के लिए बड़े ऐलान, औद्योगिक और रोजगार विस्तार पर जोर
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 13 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत 2,000 करोड़ रुपए तथा एफडीआई और फॉर्च्यून-500 कंपनियों को प्रोत्साहन नीति के क्रियान्वयन के लिए 1,000 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना में 35,280 करोड़ रुपए के संभावित निवेश के साथ 200 एमओयू हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं, जिससे 53,263 प्रत्यक्ष रोजगार का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए 3,822 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। 'सरदार वल्लभभाई पटेल इम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन' योजना के लिए 575 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1,000 करोड़ रुपए तथा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। 'एक जनपद एक व्यंजन' योजना के लिए 75 करोड़ रुपए का प्रावधान है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र को इस बजट में विशेष बढ़ोतरी मिली है। इस क्षेत्र के लिए 5,041 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में पांच गुना से अधिक है।
सुरेश खन्ना ने आगे बताया कि पावरलूम बुनकरों के लिए 4,423 करोड़ रुपए की फ्लैट रेट विद्युत योजना तथा वस्त्र एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के लिए 150 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। पीएम मित्र पार्क योजना के तहत मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जा रहा है। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए 2,059 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो 76 प्रतिशत अधिक है। उत्तर प्रदेश एआई मिशन के लिए 225 करोड़ रुपए तथा साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र के लिए 95 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान है। प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपए के अनुमानित निवेश से आठ डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने और 900 मेगावॉट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क एवं सेतु निर्माण के लिए 34,468 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं।
उन्होंने कहा कि नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, बाईपास, रिंग रोड, फ्लाईओवर और औद्योगिक लॉजिस्टिक मार्गों के विकास के लिए अलग-अलग मदों में हजारों करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के लिए 18,290 करोड़ रुपए का प्रावधान है, जो 30 प्रतिशत अधिक है। केन-बेतवा लिंक सहित प्रमुख परियोजनाओं से 4.49 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित होने का अनुमान है। 2,100 नए राजकीय नलकूपों और बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं से लाखों किसानों और करीब 49.90 लाख आबादी को लाभ मिलने का दावा किया गया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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