सीबीआई ने इंटरपोल के जरिए वांछित अपराधी सोमबीर मोट्टा को अमेरिका से भारत वापस लाया
लंबे समय से भारतीय एजेंसियों की रडार पर था और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) किया गया था जारी
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय (एमईए) और गृह मंत्रालय (एमएचए) के सहयोग से वांछित अपराधी सोमबीर मोट्टा को 10 फरवरी को अमेरिका से सफलतापूर्वक भारत वापस लाया है।
हरियाणा से सोमबीर मोट्टा हत्या और अवैध हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े मामले में वांछित था। उसे अमेरिका से भारत डिपोर्ट किया गया है, और अब हरियाणा पुलिस उसकी हिरासत ले रही है।
इससे पहले, हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने 11 फरवरी 2025 को इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया था। सीबीआई ने उसकी तलाश और भारत लाने के लिए इंटरपोल के माध्यम से एनसीबी वॉशिंगटन के साथ समन्वय किया।
इंटरपोल द्वारा जारी रेड नोटिस दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजे जाते हैं ताकि वांछित अपराधियों का पता लगाया जा सके।
भारत में इंटरपोल की राष्ट्रीय केंद्रीय एजेंसी के रूप में सीबीआई, भारतपोल के जरिए देश की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। बीते कुछ वर्षों में इंटरपोल चैनलों के माध्यम से 150 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है।
इसी साल जनवरी में हरियाणा पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ एक जोरदार कार्रवाई करते हुए वांछित गैंगस्टर अमन कुमार उर्फ अमन भैंसवाल को अमेरिका से प्रत्यर्पित कराने में सफलता हासिल की।
वह एक आपराधिक नेटवर्क का संचालन करता था जो सोनीपत, रोहतक, झज्जर और राष्ट्रीय राजधानी तक फैला हुआ था। भैंसवाल के खिलाफ हरियाणा और दिल्ली में दस आपराधिक मामले दर्ज हैं।
घोषित अपराधी होने के बावजूद उसने अभियोजन से बचने के प्रयास में जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए विदेश भागने की कोशिश की थी। हालांकि, कई बार उसकी कोशिश नाकाम हो चुकी थी, लेकिन 20 जून 2024 को उसने अवैध पासपोर्ट का इस्तेमाल कर कुवैत की यात्रा की और बाद में अमेरिका में प्रवेश किया था। इस बात का पता चलने पर हरियाणा के गोहाना में भारतीय न्याय संहिता (आईजेसी) और पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
एक लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) प्राप्त किया गया था और उसे औपचारिक रूप से घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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