ट्रंप से मिलने के लिए इजरायल से रवाना हुए नेतन्याहू, ईरान के मुद्दे पर होगी बातचीत
ये भी पढ़ें यूपी को ‘हरित प्रदेश’ बनाने में जुटी प्रदेश सरकार, 9 वर्ष में लगाए गए 242 करोड़ से अधिक पौधेनई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं। पीएम नेतन्याहू वॉशिंगटन डीसी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में दोनों नेताओं के बीच यह सातवीं आधिकारिक बैठक है। पीएम नेतन्याहू ने इजरायल और अमेरिका के बीच खास संबंध पर जोर दिया।
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा, “मैं अब राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए चुने जाने के बाद उनसे मिलने के लिए अपनी सातवीं दौरे पर अमेरिका जा रहा हूं।”
उन्होंने कहा, “बेशक, इसमें इजरायल में ट्रंप की यादगार यात्रा और नेसेट में उनका भाषण शामिल नहीं हैं। मुझे लगता है कि ये बातें अमेरिका के साथ हमारे असाधारण संबंध में अनोखी नजदीकी को दिखाती हैं, और मेरे लिए राष्ट्रपति के साथ और इजरायल के लिए अमेरिका के साथ, कुछ ऐसा जिसकी बराबरी हमारे इतिहास में कभी नहीं की गई।”
अमेरिका रवाना होने से पहले नेतन्याहू ने कहा कि वह गाजा समेत कई मुद्दों पर बात करेंगे, लेकिन सबसे बड़ी प्राथमिकता ईरान के साथ बातचीत होगी। उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रपति के सामने बातचीत के सिद्धांतों, जरूरी सिद्धांतों के बारे में अपनी सोच रखूंगा और मेरी राय में वे न सिर्फ इजरायल के लिए, बल्कि दुनिया में हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी हैं जो मिडिल ईस्ट में शांति और सुरक्षा चाहता है।”
टाइम्स ऑफ इजरायल ने नेतन्याहू के ऑफिस के हवाले से बताया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्थानीय समयानुसार बुधवार को सुबह 11 बजे व्हाइट हाउस में मिलेंगे। अभी मीटिंग से पहले या बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस या मीडिया को बयान देने का कोई प्लान नहीं है।
इजरायली मीडिया के अनुसार, प्रधानमंत्री को पहले इस महीने के आखिर में वॉशिंगटन जाना था, लेकिन उनसे ट्रंप के साथ मीटिंग आगे बढ़ाने के लिए कहा गया। इसे कुछ लोग अमेरिका-ईरान बातचीत की दिशा को लेकर चिंता के तौर पर देख रहे हैं।
अधिकारी ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नेतन्याहू का मानना है कि किसी भी समझौते से न सिर्फ ईरान को न्यूक्लियर हथियारों से फिर से लैस होने की कोशिश करने से रोका जाना चाहिए और यूरेनियम संवर्द्धन की किसी भी संभावना को खत्म करना चाहिए, बल्कि बैलिस्टिक मिसाइलों पर भी रोक लगानी चाहिए और यह पक्का करना चाहिए कि बुराई की धुरी द्वारा आतंकवाद को सपोर्ट और फंडिंग बंद हो जाए।" पिछले हफ्ते ओमान में ईरान और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने बातचीत की, जिसे दोनों पक्षों ने सकारात्मक बताया था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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