ईरान में संकट: बमबारी के बीच 4.3 तीव्रता का भूकंप, युद्धग्रस्त इलाकों में मची दहशत
तेहरान। अमेरिका-इजरायल की ईरान पर एयर स्ट्राइक जारी है। इस बीच ईरान के गेराश में भूकंप के जोरदार झटके लगे हैं। अमेरिकी भूगर्भ विज्ञान विभाग (यूएसजीएस) ने इसकी जानकारी दी है। यूएसजीएस के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है, और भूकंप का केंद्र 10 किमी की गहराई पर था। फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, और स्थिति का आकलन किया जा रहा है। यह झटका ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के कारण तनाव चरम पर है।
इन हमलों में ईरानी सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हवाई और मिसाइल हमले शामिल हैं, जिसके बाद पूरे मिडिल ईस्ट में जवाबी कार्रवाई, हवाई यातायात में रुकावट और सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार भूकंप का मौजूदा सैन्य गतिविधियों से कोई सीधा संबंध नहीं माना जा रहा है। गेराश ईरान के फार्स प्रांत का एक शहर है और दक्षिणी ईरान में लारेस्तान क्षेत्र में आता है। ईरान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंपीय सक्रिय देशों में से एक है, क्योंकि यहां अरेबियन प्लेट और यूरेशियन की टक्कर से जाग्रोस फोल्ड थ्रस्ट बेल्ट बना हुआ है। यह 1,600 किमी लंबी पर्वत श्रृंखला ईरान, इराक और तुर्की तक फैली है और अरब प्लेट के उत्तर की ओर बढ़ने से बनी है। गेराश इसी बेल्ट का भाग है।
इस लिहाज से क्षेत्र में 4 से 5 तीव्रता का भूकंप काफी गंभीर माना जा सकता है। ईरान में 1990 का भूकंप विनाशकारी साबित हुआ था। 20-21 जून 1990 की दरमियानी रात ईरान के मंजिल और रुदबार में आए 'रुदबार भूकंप' ने भारी तबाही मचाई थी। यह इतिहास के उन शक्तिशाली भूकंप में से एक है, जिसने बड़े पैमाने पर जान-माल की हानि की थी। 'अरेबियन प्लेट' और 'यूरेशियन प्लेट्स' के टकराने से देर रात 12 बजकर 30 मिनट पर 7.7 तीव्रता का भूकंप आया और करीब पचास हजार लोगों की जान चली गई थी। जंजान और गिलान प्रातों में 20 हजार वर्ग मील का क्षेत्र पूरी तरह से बर्बाद था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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