ईरान पर हमले के विरोध में कराची में कोहराम: अमेरिकी मरीन की गोलीबारी में 12 प्रदर्शनकारियों की मौत, दूतावास रणक्षेत्र बना
कराची: पाकिस्तान के कराची शहर में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हुआ प्रदर्शन रविवार को एक भीषण रक्तपात में तब्दील हो गया। ताजा अपडेट के अनुसार, दूतावास की सुरक्षा में तैनात अमेरिकी मरीन कमांडोज द्वारा की गई सीधी गोलीबारी में मरने वाले पाकिस्तानियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के विरोध में भड़की यह हिंसा अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संकट का रूप ले चुकी है।
मरीन ने संभाला मोर्चा, चलीं गोलियां
घटनाक्रम तब और बिगड़ गया जब उग्र भीड़ ने दूतावास के बाहरी सुरक्षा घेरे और मुख्य द्वारों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब प्रदर्शनकारी परिसर के भीतर घुसने लगे और आगजनी शुरू की, तब अंदर तैनात अमेरिकी मरीन ने स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाते देख मोर्चा संभाल लिया। भीड़ को पीछे धकेलने के लिए की गई इस कार्रवाई में 12 लोगों की जान चली गई, जबकि घायलों की संख्या 40 के पार पहुंच गई है। कराची के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है।
आगजनी से भारी नुकसान, धुआं-धुआं हुआ रेड जोन
प्रदर्शनकारियों के आक्रोश का आलम यह था कि दूतावास की सुरक्षा चौकियों और परिसर में खड़े वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। पत्थरबाजी और तोड़फोड़ के कारण दूतावास की इमारत को भी काफी नुकसान पहुंचा है। पूरे रेड जोन इलाके में आंसू गैस के गोलों और धुएं के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बल (रेंजर्स) स्थिति को संभालने में नाकाम दिखे, जिसके बाद सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों को तलब करना पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय तनाव चरम पर
इस घटना के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। जहां एक ओर पाकिस्तान में अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे गूंज रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला करार देते हुए अपने नागरिकों के लिए सख्त ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। कराची के मुख्य व्यापारिक क्षेत्रों और दूतावास की ओर जाने वाले सभी मार्गों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। प्रशासन ने शहर में अनिश्चितकालीन धारा 144 लागू कर दी है।
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