पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर छिड़ी जंग: 300 से अधिक मौतें, दोनों देशों ने किया भारी नुकसान का दावा
इस्लामाबाद और काबुल में युद्ध जैसे हालात; पाकिस्तान का 'गजब-लिल-हक' सैन्य अभियान शुरू; ट्रंप ने दिया पाकिस्तान का साथ
इस्लामाबाद/काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि सीमावर्ती इलाकों में अब युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। आसमान में युद्धक विमानों की गूंज और बमों के धमाकों से सीमा का इलाका थर्रा उठा है। इस भीषण संघर्ष में अब तक कुल 325 लोगों की जान जाने की खबर है।
दोनों देशों के दावे और सैन्य कार्रवाई: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा है कि अब सब्र का बांध टूट चुका है। पाकिस्तान सेना ने अपने इस सैन्य अभियान को 'गजब-लिल-हक' नाम दिया है। पाक सेना की ओर से दावा किया गया है कि इस जवाबी कार्रवाई में 274 अफगान तालिबान शासन के लड़ाके मारे गए हैं और 400 से अधिक घायल हैं। पाक सेना ने दुश्मन की 73 चौकियों को नष्ट करने का भी दावा किया है।
वहीं, दूसरी ओर काबुल में तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय ने जवाबी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए दावा किया है कि उन्होंने सीमापार झड़पों में 55 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। तालिबान के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तान के 19 सैन्य ठिकानों और एक टैंक को नष्ट कर दिया है, जबकि उनके अपने 8 लड़ाके हताहत हुए हैं। तालिबान का यह भी आरोप है कि शुक्रवार को पाकिस्तान के हवाई हमलों में 19 आम नागरिकों की मौत हुई है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चिंता: इस वैश्विक संकट पर दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष में पाकिस्तान का साथ देने की बात कही है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से तत्काल हिंसा रोकने और संयम बरतने की अपील की है। रेडक्रॉस की अध्यक्ष मिरजाना स्पोलजारिक ने भी नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए शांति का आग्रह किया है। ब्रिटेन ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा और बलूचिस्तान के इलाकों की यात्रा न करने की सलाह दी है।
फिलहाल, पाकिस्तान सेना ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर खतरों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और कड़ी निगरानी रख रहे हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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