सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- पता लगाएं कि क्या बच्चों के लापता होने के पीछे कोई राष्ट्रव्यापी नेटवर्क है
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा है कि वो ये पता लगाएं कि देश के विभिन्न हिस्से में बच्चों की गुमशुदगी के पीछे जो नेटवर्क है, वो देशभर में फैला है या राज्य स्तरीय समूह ही शामिल हैं। जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या बच्चों की गुमशुदगी में कोई पैटर्न है या नहीं। इसके लिए केंद्र राज्यों से आंकड़े जुटाए।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि कुछ राज्यों ने गुमशुदा बच्चों का आंकड़ा उपलब्ध कराया है, लेकिन करीब एक दर्जन राज्यों ने कोई आंकड़ा नहीं दिया है। भाटी ने कहा कि केंद्र सरकार किसी भी निष्कर्ष पर तभी पहुंच सकती है, जब उसके पास सभी आंकड़े मौजूद हों। उच्चतम न्यायालय ने भाटी को सलाह दी कि वे उन बच्चों का इंटरव्यू करें जिन्हें छुड़ाया गया है ताकि ये पता लग सके कि उनकी गुमशुदगी के पीछे कौन हैं।
ये भी पढ़ें मिडिल-ईस्ट में महायुद्ध की आहट: अमेरिका ने 15 देशों से अपने नागरिकों को तुरंत निकलने को कहाउच्चतम न्यायालय ने उन राज्यों को फटकार लगाई जिन्होंने कोई आंकड़ा नहीं दिया था। कोर्ट ने कहा कि उन राज्यों पर कार्रवाई की जा सकती है जो आंकड़े नहीं दे रहे हैं। इस पर वरिष्ठ वकील अपर्णा भट्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहलकदमी की है और इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए कि सभी राज्य सरकारें आंकड़े उपलब्ध कराएं।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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