आपसी समझौता के आधार पर हाईकोर्ट ने आईएएस आशीष मोदी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को किया रद्द
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने आईएएस भारती दीक्षित की ओर से अपने पति आशीष मोदी के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर को दोनों पक्षों के बीच समझौते के आधार पर रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपने विवाद को आपसी सहमति से सुलझा लिया है और सहमति के आधार पर ही दोनों के बीच तलाक भी हो गया है। ऐसे में मामले में दर्ज एफआईआर और उसके आधार पर चल रही समस्त कार्रवाई को रद्द करना उचित है। जस्टिस अनिल कुमार उपमन की एकलपीठ में यह आदेश आईएएस आशीष मोदी व अन्य की ओर से दायर आपराधिक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता दोनों भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। ऐसे उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों से उच्च स्तर की परिपक्वता और संवेदनशीलता की अपेक्षा की जाती है।
याचिका में अधिवक्ता सुधीर जैन ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता के बीच वैवाहिक विवाद उत्पन्न हुआ था। प्रकरण में दो अन्य याचिकाकर्ता सुरेंद्र बिश्नोई और आशीष शर्मा को बिना ठोस भूमिका के आरोपी बनाया गया है। दोनों ने आपसी सहमति से तलाक के लिए फैमिली कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया था। जिसे स्वीकार करते हुए गत 15 दिसंबर को फैमिली कोर्ट ने उनके विवाह का विघटन भी कर दिया है। ऐसे में प्रकरण में दर्ज फिर को रद्द किया जाए। वहीं आईएएस भारती दीक्षित की ओर से कहा गया कि उसने अपनी सामाजिक स्थिति और नाबालिक बेटी को देखते हुए आशीष मोदी से समझौता किया था, लेकिन वह दो अन्य आरोपियों से समझौता करने की इच्छुक नहीं है।
ये भी पढ़ें परीक्षा पे चर्चा: पीएम मोदी ने दिया तनाव मुक्ति का मंत्र; कहा- पढ़ाई और जुनून के बीच बनाएं संतुलनदोनों ने सक्रिय रूप से अपराध में सहयोग किया है। इस पर अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता को यह तर्क पेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती कि उनका समझौता केवल पति तक सीमित था। ऐसे में मामले में खंडित कार्रवाई कर सह आरोपियों के खिलाफ एफआईआर जारी रखना कानून की प्रक्रिया का स्पष्ट दुरुपयोग होगा। एक बार जब मुख्य वैवाहिक विवाद स्वेच्छा से और कानूनी रूप से समाप्त हो गया है तो उन व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई जारी रखने की अनुमति देना उचित नहीं है। यह अनावश्यक मुकदमेबाजी और आरोपी पर अनुचित बोझ डालने का काम करेगा।
मामले के अनुसार आईएएस भारती दीक्षित ने अपने पति आईएएस आशीष मोदी पर शराब पीकर धमकाने और मारपीट का आरोप लगाते हुए अन्य महिलाओं से संबंध का आरोप लगाया था। एसएमएस अस्पताल थाने में दर्ज एफआईआर में उसने आशीष मोदी सहित अन्य के खिलाफ अपहरण और धमकी सहित अन्य आरोप लगाए थे।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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