उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और रिसर्च पर हो फोकस, बजट 2026-27 को लेकर शिक्षा क्षेत्र के एक्सपर्ट्स ने रखी राय
नई दिल्ली। आम बजट 2026-27 आने में दो हफ्ते से भी कम का समय बचा हुआ है और ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र को भी आगामी बजट से काफी उम्मीदें हैं, जिससे देश में इनोवेशन, रिसर्च और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। जानकारों के मुताबिक, आने वाले बजट में सरकार का फोकस देश को ग्लोबल नॉलेज हब और इनोवेशन हब के रूप में विकसित करने पर होना चाहिए।
उन्होंने आगे बताया कि मौजूदा समय में दुनिया के विकसित देशों में जीडीपी का 10 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जाता है, लेकिन भारत में यह करीब 4-5 प्रतिशत है। ऐसे में सरकार को जनसांख्यिकी को देखते हुए देश की शिक्षा पर बजट को बढ़ाना चाहिए। साथ ही सरकार को देश में डिजिटल डिवाइड को समाप्त करने के लिए पढ़ाई को बाजार में उपयोगी स्किल्स से जोड़ना होगा। यह कदम भारत की ग्लोबल पहचान और टिकाऊ आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए बहुत जरूरी हैं। केंद्रीय बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एक फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। यह वर्ष 2000 के बाद पहली बार है कि केंद्रीय बजट संसद में रविवार को पेश किया जाएगा। इससे पहले 2025 में, सीतारमण ने शनिवार को बजट पेश किया था और दिवंगत अरुण जेटली के नेतृत्व में 2015 का बजट भी 28 फरवरी, 2015 को शनिवार को पेश किया गया था।
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