नोएडा: सॉफ्टवेयर इंजीनियर की गड्ढे में डूबकर मौत, 5 बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
नोएडा। नोएडा में बीते शुक्रवार की रात को सेक्टर-150 के पास बेसमेंट बनाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में एकत्रित पानी में डूब कर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की हुई मौत के मामले में थाना नॉलेज पार्क में तैनात उप निरीक्षक ने पांच बिल्डरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है।
जानकारी के अनुसार उपनिरीक्षक रीगल कुमार ने थाना नॉलेज पार्क में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह गस्त और चेकिंग करते हुए प्लाट संख्या एस सी-020 ध्ए-3 सेक्टर 150 पहुंचे तो उन्हें पता चला कि सार्वजनिक सड़क के पास एक बहुत लंबा-चौड़ा गड्ढा खुदा है, जो कि बड़े-बड़े यंत्रों से खुदाई कर बनाया गया है। उनके अनुसार इसमें कई वर्षों से पानी भरा है। इसकी गहराई काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि पानी अधिक दिनों से भारे होने की वजह से जल प्रदूषित होकर कीचड़ जैसे रंग का हो गया है। उक्त जल में वर्षा के जल द्वारा भी अपने साथ काफी कूड़ा करकट पानी के बहाव में लाकर गढ्ढे में भर दिया गया है, जिससे वायु प्रदूषण फैल रहा है। एवं सुरक्षा तथा स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है। उक्त गढ्ढे के चारों ओर सुरक्षा का कोई प्रबंध या संकेतक आदि नहीं लगाए गए हैं। यह गड्ढा सड़क के काफी समीप है। इसे इस तरह से छोड़ना मानव जीवन के संभावित खतरे को दर्शाता है। साथ ही गंभीर दुर्घटनाएं होने, सार्वजनिक मार्ग के पास खुला जलमग्न गड्ढा, सार्वजनिक विद्रोह होने की संभावना को भी बढ़ा रहा है।
उपनिरीक्षक के अनुसार निर्माण प्रबंधन के नियमों का भी कोई पालन नहीं किया गया है। पास पड़ोस में रहने वाले नागरिकों द्वारा भी बताया गया है कि विपरीत दिशा से जब हवा चलती है तो इस जल भराव की गंदी हवा से सांस लेना दूभर हो जाता है। उक्त भू-स्वामी के बारे में जब जानकारी की गई तो पता चला कि उक्त भूखंड को वर्ष 2024 में नोएडा प्राधिकरण ने लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित किया था। उसके पश्चात वर्ष 2020 में उक्त भूखंड को लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड से विजटाउन के द्वारा खरीदा गया।
पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि अभी भी लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन की इसमें शेयर होल्डिंग शेष है। जिसमें अभय कुमार 32.20 प्रतिशत, संजय कुमार 27.30, मनीष कुमार 7, अचल बोहरा 3.05 व निर्मल कुमार (लोटस ग्रीन) की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने बताया कि इन लोगों के द्वारा किया गया यह कृत्य पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 1986 की धारा 15 व जल प्रदूषण अधिनियम 1974 की धारा 24,43 व भारतीय न्याय संहिता की धारा 290, 270, 125 की हद को पहुंचता है। उन्होंने बताया कि बिल्डर निर्मल सिंह, अभय कुमार सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों बिल्डरों के खिलाफ पूर्व में मृतक युवराज मेहता के पिता द्वारा मुकदमा दर्ज करवाया गया था। पुलिस ने बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। बिल्डर निर्मल सिंह आदि अभी भी फरार है।
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