'मध्य प्रदेश बन रहा है सशक्त पर्यटन हब'..जानें एमपी पर्यटन की नई योजनाएं
भोपाल। राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्य प्रदेश आज अग्रणी पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें और आध्यात्मिक केंद्र इसे पर्यटन मानचित्र पर मजबूत और आकर्षक गंतव्य बना रहे हैं। राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि मध्य प्रदेश को प्रकृति ने अपार वैभव से नवाजा है। राज्य के घने वन, हरे-भरे पर्वतीय क्षेत्र, नदियाँ, झीलें, जलप्रपात और शांत वातावरण पर्यटकों को सहज ही आकर्षित करते हैं। यहाँ का जैव विविधता से भरपूर प्राकृतिक परिवेश न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ सबसे अधिक राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं। कन्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, पन्ना, संजय-दुबरी जैसे राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीव प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। मध्य प्रदेश टाइगर स्टेट, चीता स्टेट, लेपर्ड स्टेट, घड़ियाल स्टेट और वल्चर स्टेट के रूप में देश-दुनिया में जाना जाता है। लोधी का कहना है कि मध्य प्रदेश ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहर भी अद्वितीय है। खजुराहो के विश्व धरोहर मंदिर, भीमबेटका की प्रागैतिहासिक गुफाएँ, सांची का स्तूप, ग्वालियर और मांडू के किले, ओरछा की ऐतिहासिक इमारतें राज्य की गौरवशाली विरासत के प्रतीक हैं। ये स्थल भारत की प्राचीन कला, स्थापत्य और सभ्यता की समृद्ध परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं। इसके अलावा हमारा राज्य आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन का भी एक प्रमुख केंद्र है। उज्जैन का श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, ओंकारेश्वर, चित्रकूट, अमरकंटक, मैहर और दतिया जैसे तीर्थ स्थल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। धार्मिक पर्यटन से न केवल सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण होता है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर भी सृजित होते हैं।
राज्य मंत्री लोधी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अधोसंरचना विकास, सड़क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार, हवाई संपर्क में सुधार, होटल एवं होम-स्टे सुविधाओं को प्रोत्साहन तथा डिजिटल प्रचार-प्रसार जैसे अनेक कदम उठाए गए हैं। इन निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि विगत वर्ष लगभग 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने मध्य प्रदेश का भ्रमण किया, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में बढ़ते विश्वास और लोकप्रियता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की आत्मा ‘अतिथि देवो भव’ की भावना में बसती है। यहाँ आने वाले प्रत्येक पर्यटक का पारंपरिक और आत्मीय स्वागत किया जाता है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार अनुभव प्रदान किया जाए, ताकि वे बार-बार मध्य प्रदेश आने के लिए प्रेरित हों। लोधी ने देश-विदेश के पर्यटकों को भारत के हृदय प्रदेश में आने का सादर आमंत्रण देते हुए रविवार को ये भी कहा कि वे अधिक संख्या में आएं, मध्य प्रदेश में प्रकृति, रोमांच, इतिहास, संस्कृति और अध्यात्म सभी का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगा और राज्य को वैश्विक पर्यटन मंच पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाएगा।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
